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Bihar Weather Update: बिहार में नवरात्रि के दूसरे दिन बदला मौसम, 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें पटना का हाल

Bihar Weather Update: बिहार में नवरात्रि के दूसरे दिन (23 सितंबर) को मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मानसून के लौटने के बीच, बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए सिस्टम के कारण राज्य के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर से बढ़ गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने आज, मंगलवार के लिए राज्य के 6 जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, पटना समेत अन्य भागों में भी छिटपुट वर्षा की संभावना है।

इन 6 जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज 23 सितंबर को बिहार के दक्षिण-पूर्वी 6 जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इन जिलों में जमुई, बांका, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया और भागलपुर शामिल हैं। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के साथ-साथ इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

25 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यह बारिश का यह नया दौर एक कम दबाव के क्षेत्र के कारण बन रहा है। यह सिस्टम 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर-मध्य बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है। इसी सिस्टम के प्रभाव से बिहार के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी बिहार और सीमांचल के इलाकों पर पड़ने की आशंका है।

पटना समेत अन्य भागों में कैसा रहेगा मौसम?

जहां पूर्वी बिहार में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य भागों में मौसम मिला-जुला रहेगा। पटना में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। गूगल वेदर के मुताबिक, पटना में आज बारिश की संभावना 65 प्रतिशत के आसपास है। बारिश न होने पर उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

Bihar Weather Update: नवरात्रि के उत्साह पर पड़ सकता है बारिश का असर

मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान नवरात्रि के उत्सव के बीच आया है। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है, जब मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हो रही है। शाम के समय गरबा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में यह बारिश खलल डाल सकती है। अगर यह सिस्टम 25 सितंबर को और मजबूत होता है, तो इसका असर दुर्गा पूजा के मुख्य दिनों (सप्तमी, अष्टमी) पर भी देखने को मिल सकता है, जिससे पूजा पंडालों के आयोजकों की चिंता बढ़ गई है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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