CM Abua Awas Yojana: एक पक्का मकान यह सपना झारखंड के लाखों गरीब परिवारों की सबसे बड़ी चाहत है। मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना इसी सपने को हकीकत में बदलने की कोशिश है। झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के 11वें दिन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन को बताया कि आने वाले वित्तीय वर्ष में इस योजना पर रिकॉर्ड 4400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
क्या है मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना?

झारखंड सरकार ने उन परिवारों को पक्का मकान देने के लिए यह योजना शुरू की जो प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे से बाहर रह गए। “अबुआ” संताली भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है “हमारा।” यानी यह योजना झारखंड के अपने लोगों के अपने घर का वादा करती है।
प्रत्येक लाभार्थी को 2 लाख रुपये प्रति यूनिट की सहायता राशि दी जाती है जो सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
आंकड़े जो बताते हैं योजना की ताकत
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधानसभा में जो आंकड़े पेश किए वे इस योजना की व्यापकता को स्पष्ट करते हैं।
अब तक योजना के लिए कुल 22 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से सर्वे और समीक्षा के बाद 16 लाख आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। फिलहाल राज्यभर में 6 लाख अबुआ आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। संताल परगना क्षेत्र में पीएम आवास, अबुआ आवास और अंबेडकर आवास मिलाकर कुल साढ़े सात लाख आवास निर्माण पर काम चल रहा है।
PM आवास से ज्यादा क्यों है अबुआ आवास की मांग?
विधायक हेमलाल मुर्मू ने सदन में यह अहम सवाल उठाया था कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना की तुलना में अबुआ आवास की मांग अधिक है। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट जवाब दिया कि प्रधानमंत्री आवास की राशि केंद्र सरकार से समय पर नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग अबुआ आवास की ओर रुख कर रहे हैं।
आवास विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति केंद्र और राज्य के बीच आवास योजनाओं के समन्वय की कमी को उजागर करती है। राज्य सरकार अपने संसाधनों से इस खाई को पाटने की कोशिश कर रही है।
अयोग्य आवेदनों पर सरकार की सख्ती
सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि अबुआ आवास के नाम पर कुछ अयोग्य लाभार्थियों के आवेदन भी आ रहे थे।
इस पर रोक लगाने के लिए विशेष सर्वे कराया गया। अयोग्य पाए गए आवेदनों को सख्ती से अस्वीकृत किया गया।
इस पारदर्शी प्रक्रिया से सुनिश्चित किया गया कि लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
पाकुड़ सड़क निर्माण पर भी बड़ा फैसला
विधानसभा सत्र में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने एक और अहम घोषणा की।
पाकुड़ जिले में ऊंगरी टोला से बड़ा घघरी जतरा मंडप तक 4.150 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए नया टेंडर जारी होगा और इसे 20 दिनों में निष्पादित किया जाएगा।
पूर्व का टेंडर कार्य प्रगति की समीक्षा के बाद रद किया गया था। विधायक हेमलाल मुर्मू ने इस देरी पर चिंता जताई थी और कहा था कि बार-बार टेंडर रद होने से विकास कार्य बाधित होते हैं और सरकार, ठेकेदार तथा आम जनता तीनों को नुकसान होता है।
रेलवे ओवरब्रिज पर भी उठी आवाज
सत्र में विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने राज्य में रेलवे क्रासिंग पर अधूरे पड़े ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का मुद्दा उठाया।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा। राज्य सरकार केंद्र से आग्रह करेगी कि इन पुल-पुलियाओं का जल्द निर्माण हो ताकि सड़क हादसों पर लगाम लगे और यातायात सुचारू हो सके।
कैसे मिलेगा अबुआ आवास योजना का लाभ?
यदि आप झारखंड के निवासी हैं और पक्के मकान से वंचित हैं तो यह जानकारी आपके काम की है।
पात्रता के लिए आवेदक झारखंड का मूल निवासी होना चाहिए। परिवार के पास पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए। परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए नजदीकी पंचायत कार्यालय या प्रज्ञा केंद्र से संपर्क करें। आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार रखें।
CM Abua Awas Yojana: निष्कर्ष
मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना झारखंड के उन गरीब परिवारों के लिए एक सशक्त पहल है जो दशकों से पक्के मकान का सपना देखते आ रहे हैं। 4400 करोड़ का बजट, 16 लाख स्वीकृत आवेदन और 6 लाख निर्माणाधीन घर ये सिर्फ संख्याएं नहीं बल्कि लाखों परिवारों के बेहतर भविष्य की नींव हैं।
जरूरत है कि पात्र लाभार्थी सही दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करें और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं।



