Top 5 This Week

Related Posts

दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मचा विवाद, कार्यकर्ता फिर पहुंचे CJI के पास

दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करने और स्थाई रूप से शेल्टर होम में रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विवाद बढ़ गया है। सोमवार को जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने यह निर्देश दिया था, लेकिन इसकी लिखित प्रति अब तक उपलब्ध नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम CJI जस्टिस बीआर गवई के सामने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आदेश सार्वजनिक न होने के बावजूद प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ना शुरू कर दिया है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह 2024 में जस्टिस संजय करोल और जस्टिस जेके माहेश्वरी की बेंच के फैसले के विपरीत है, जिसमें एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के तहत कुत्तों को उनके मूल स्थान पर छोड़ने और हत्या पर रोक का आदेश दिया गया था। साथ ही सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा बरतने की बात भी कही गई थी।

दिल्ली के कई इलाकों में कुत्तों को उठाए जाने से नाराज एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट सड़कों पर उतर आए हैं। आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राजधानी में पशु नियंत्रण ढांचा बेहद कमजोर है—दिल्ली में केवल 20 ABC केंद्र हैं, जिनमें लंबे समय तक कुत्तों को रखने की सुविधा नहीं है और वे एक हफ्ते में सिर्फ 30-40 कुत्तों को ही रख सकते हैं। नगर निगम ने स्वीकार किया है कि केंद्रों के कर्मचारियों को पहले से मौजूद कुत्तों को भी न छोड़ने के निर्देश मिले हैं, जो नियमों के खिलाफ हैं।

ये भी पढ़ें: Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी, बिहार पुलिस ने दिल्ली से यूपी तक शुरू की तलाश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles