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Conversation between Chairman Jagdeep Dhankhar and Leader of the Opposition Mallikarjun Kharge attracted special attention: वक्फ संशोधन बिल 2025 राज्यसभा में पारित, सदन में हुई तीखी बहस

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल 2025 अब राज्यसभा में भी पारित हो गया है। इससे पहले यह बिल लोकसभा में पारित किया जा चुका था। राज्यसभा में इस बिल पर 12 घंटे से अधिक समय तक मैराथन चर्चा चली, जिसके बाद वोटिंग हुई। इस दौरान बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि 95 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस बिल पर चर्चा के दौरान कई रोचक घटनाएं हुईं, जिनमें सभापति जगदीप धनखड़ और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुए संवाद ने विशेष ध्यान आकर्षित किया।
सभापति जगदीप धनखड़ और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच संवाद चर्चा में
चर्चा के दौरान एक मौके पर मल्लिकार्जुन खरगे ने एक टिप्पणी की, जिसका जवाब देते हुए सभापति धनखड़ ने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं और इस देश का किसान किसी से नहीं डरता।” सभापति की इस टिप्पणी के बाद सदन में कई सदस्यों ने उनकी बात का समर्थन किया, जबकि कुछ विपक्षी नेताओं ने इस पर सवाल भी उठाए।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर भी हुई चर्चा
सदन में मणिपुर में लगाए गए राष्ट्रपति शासन पर संवैधानिक संकल्प को लेकर भी चर्चा हुई। इस प्रस्ताव को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पेश किया। इस मुद्दे पर एक घंटे से अधिक समय तक विचार-विमर्श हुआ। जब अमित शाह ने संकल्प पर चर्चा की बात कही, तो नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अनुरोध किया कि यह चर्चा सदन की अगली बैठक में कराई जाए क्योंकि उस समय रात काफी हो चुकी थी। हालांकि, इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया और चर्चा जारी रही।
सभापति के सदन छोड़ने पर खरगे की प्रतिक्रिया
चर्चा के दौरान जब सभापति धनखड़ सदन की कार्यवाही से उठकर जाने लगे, तो मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “सर, अगर आप चले गए तो हमारा पूरा जोश चला जाएगा।” इस पर उपसभापति हरिवंश ने हंसते हुए पूछा, “मेरे आने पर जोश कम हो गया?” खरगे ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए जवाब दिया, “नहीं, आपका फिक्स है। एक बार आप बैठते हैं तो फिर उधर ही देखते हैं।” इस पर उपसभापति ने कहा, “मैं आपको ही देखता हूं।” इस संवाद ने सदन में हल्के-फुल्के माहौल को जन्म दिया।
बिल पर सरकार और विपक्ष के तर्क
वक्फ संशोधन बिल 2025 पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सरकार का दावा था कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी और प्रभावी प्रबंधन के लिए जरूरी है। वहीं, विपक्ष का तर्क था कि इस कानून के जरिए सरकार एक विशेष समुदाय की संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती है।
बिल का पारित होना और आगे की राह
वक्फ संशोधन बिल 2025 के राज्यसभा में पारित होने के बाद अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यदि राष्ट्रपति इसे मंजूरी देते हैं, तो यह कानून बन जाएगा। इस बिल को लेकर देशभर में भी चर्चा हो रही है, और राजनीतिक विशेषज्ञ इसे एक महत्वपूर्ण विधायी कदम मान रहे हैं।
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Author: newsmedia kiran.com

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