Ghatsila By-Election 2025: झारखंड की राजनीति में घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव की हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई इस सीट के लिए भाजपा ने पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को उम्मीदवार बनाया है। यह बाबूलाल का दूसरा मौका है, क्योंकि 2024 विधानसभा चुनाव में वे JMM के रामदास सोरेन से 22,446 वोटों से हार गए थे। JMM ने अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन सियासी हलकों में अटकलें हैं कि रामदास सोरेन के परिवार के किसी सदस्य को टिकट मिल सकता है। यह उपचुनाव भाजपा की JMM पर बड़ी चुनौती बनेगा।
रामदास सोरेन का निधन, उपचुनाव का कारण
घाटशिला विधानसभा सीट पूर्वी सिंहभूम जिले में आती है, जो आदिवासी बहुल इलाका है। रामदास सोरेन (JMM) का निधन 2024 में हुआ, जिससे सीट खाली हो गई। रामदास ने 2024 चुनाव में बाबूलाल सोरेन को 98,356 वोटों से हराया था, जबकि बाबूलाल को 75,910 वोट मिले थे। घाटशिला JMM का गढ़ रहा है, लेकिन भाजपा ने इसे कमजोर करने की कोशिश की है। उपचुनाव 11 नवंबर को होगा, मतगणना 14 नवंबर को। यह चुनाव हेमंत सोरेन सरकार की लोकप्रियता की परीक्षा बनेगा। स्थानीय मुद्दे जैसे विकास, आदिवासी अधिकार और बेरोजगार प्रमुख होंगे।
भाजपा का दांव: बाबूलाल सोरेन पर भरोसा
भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को दोबारा टिकट देकर परिवारिक राजनीति पर भरोसा जताया है। बाबूलाल चंपाई सोरेन के बेटे हैं, जो पूर्व CM हैं। पार्टी का मानना है कि बाबूलाल का स्थानीय कनेक्शन और युवा छवि वोटरों को आकर्षित करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, बाबूलाल सोरेन घाटशिला के विकास के लिए लड़ेंगे। JMM का गढ़ तोड़ेंगे। यह चयन भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, जो आदिवासी वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है। बाबूलाल ने कहा, मैं जनता के मुद्दों पर लड़ूंगा।”
JMM की रणनीति: उम्मीदवार घोषणा में देरी
JMM ने अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। सियासी हलकों में अटकलें हैं कि रामदास सोरेन के बेटे या किसी रिश्तेदार को टिकट मिल सकता है। JMM का दावा है कि घाटशिला उनका किला है। पार्टी नेता ने कहा, “हम आदिवासी हितों की रक्षा करेंगे। यह उपचुनाव JMM की मजबूती की कसौटी बनेगा।
आदिवासी वोट बैंक पर जंग, विकास का मुद्दा प्रमुख
यह उपचुनाव आदिवासी वोट बैंक पर जंग का मैदान बनेगा। भाजपा और JMM दोनों आदिवासी मुद्दों पर फोकस करेंगे। स्थानीय लोग कहते हैं, विकास और रोजगार पर फैसला होगा। ECI ने सुरक्षा के लिए 8.5 लाख अधिकारियों की तैनाती का ऐलान किया है।



