Rajasthan Bus Fire Accident: जस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एक भयानक बस अग्निकांड ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। एक निजी यात्रा बस में लगी आग से 20 लोगों की जिंदगी चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह यात्रियों के लिए एक दर्दनाक त्रासदी साबित हुआ। बस की मॉडिफिकेशन और सुरक्षा मानकों की कमी ने हादसे को और घातक बना दिया। स्थानीय प्रशासन ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की लपटों ने सब कुछ लील लिया। यह घटना परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
हादसे का पूरा विवरण: थईयात गांव के पास धमाके जैसी स्थिति
यह भयावह जैसलमेर-जोधपुर हाईवे के थईयात गांव के पास हुआ। बस जोधपुर से जैसलमेर की ओर जा रही थी, जिसमें करीब 57 यात्री सवार थे। हादसा दोपहर के समय हुआ, जब बस हाईवे पर तेज रफ्तार में चली जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस के पिछले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा। उसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही पलों में पूरी बस आग की लपटों में लिपट गई। यात्रियों के चीखने की आवाजें दूर तक सुनाई दीं। बस में केवल एक संकरा दरवाजा था, जो धुएं से जाम हो गया। कई यात्री खिड़कियां तोड़कर कूदे, लेकिन अधिकांश फंस गए। यह बस महज पांच दिन पहले खरीदी गई नई बस थी, लेकिन इसे मॉडिफाई कर लिया गया था, जिससे आपातकालीन निकास का कोई रास्ता नहीं बचा।
मौतों का आंकड़ा और कारण: शॉर्ट सर्किट से लगी आग
इस हादसे 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा यात्री झुलस गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बस में ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल और गैस सिलेंडर भरे हुए थे, जो धमाके का कारण बने। स्थानीय विधायक प्रताप पुरी ने कहा, “एसी यूनिट से गैस लीक होने की आशंका है। बस की मॉडिफिकेशन ने स्थिति बिगाड़ दी।” फोरेंसिक टीम ने साइट की जांच की। मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। घायलों को जोधपुर के अस्पतालों में भर्ती किया गया।
सरकारी प्रतिक्रिया: जांच और मुआवजा की घोषणा
राजस्थान सरकार ने तुरंत जांच समिति गठित की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख मुआवजा देने की घोषणा की। घायलों के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, “परिवहन सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच होगी।” यह हादसा बस मालिकों पर भी नजर डालेगा।



