Jharkhand News: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से दो लोगों की मौत के बाद झारखंड सरकार ने राज्य भर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बाद रांची के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिए गए हैं और कुल 42 बेड रिजर्व किए गए हैं।
राजधानी रांची के सदर अस्पताल में 20 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है जबकि राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में 22 आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं। दोनों ही अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है।
सभी सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने झारखंड के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था पूरी कर ली है। इन वार्डों में ऑक्सीजन सप्लाई की पूर्ण व्यवस्था के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी तैनात किया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी उपकरण और दवाइयां भी उपलब्ध कराई गई हैं।
रिम्स की पीआरओ सेल्विया ने बताया कि अस्पताल में निपाह वायरस के मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह तैयार हैं। इन वार्डों में 22 बेड हैं जहां संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ को भी विशेष प्रशिक्षण दिया है ताकि वे इस वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हों।
सदर अस्पताल में 20 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। यहां भी सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि किसी भी संदिग्ध मरीज को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा और उसकी जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना दें।
सिविल सर्जन ने लोगों से की सतर्कता की अपील
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं बल्कि सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि निपाह वायरस खतरनाक जरूर है लेकिन मजबूत इम्युनिटी और सावधानी से इसे रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों को खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉ. कुमार ने कहा कि लोग बाहर का खाना खाने से बचें और घर का ताजा भोजन करें। फलों का सेवन करने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धोना बेहद जरूरी है। खासकर इस समय खजूर खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह वायरस फ्रूट बैट यानी चमगादड़ से फैलता है जो अक्सर खजूर के पेड़ों पर पाए जाते हैं।
सिविल सर्जन ने बताया कि चमगादड़ के मूत्र या लार से फल संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए किसी भी फल को बिना धोए खाना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सूअर, घोड़ा, कुत्ता और बिल्ली जैसे जानवरों से भी संक्रमण फैल सकता है। इसलिए जानवरों के संपर्क में आने पर सावधानी बरतनी चाहिए और हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए।
निपाह वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय

निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे ही होते हैं लेकिन कुछ खास संकेत चिंता बढ़ाते हैं। इसमें तेज बुखार, असहनीय सिरदर्द जो मस्तिष्क पर प्रभाव के कारण होता है, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जिससे ऑक्सीजन लेवल घट जाता है, गले में खराश और खांसी प्रमुख लक्षण हैं।
गंभीर मामलों में इंसेफ्लाइटिस यानी मस्तिष्क में सूजन हो सकती है। कुछ मरीजों को ब्रेन अटैक भी आ सकता है या वे कोमा में जा सकते हैं। सिविल सर्जन ने जोर देकर कहा कि अगर किसी को तेज सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत जांच करानी चाहिए। देरी खतरनाक हो सकती है।
डॉ. कुमार ने बताया कि इस वायरस का संक्रमण मानव से मानव में भी फैल सकता है। खांसी और छींक से यह वायरस दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है। इसलिए बचाव के लिए मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि निपाह वायरस का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। इसका उपचार सहायक यानी सपोर्टिव होता है जैसे कोविड में होता था। मरीज को ऑक्सीजन दी जाती है और एंसेफलाइटिस यानी मस्तिष्क की सूजन की देखभाल की जाती है। इस वायरस की जांच आरटी-पीसीआर टेस्ट से होती है।
Jharkhand News: इम्युनिटी बढ़ाना है सबसे बड़ा बचाव
रिम्स के माइक्रोबायोलाजिस्ट डॉ. मनोज ने बताया कि इस वायरस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका सावधानी है। खासकर अपने शरीर की इम्युनिटी को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। इस वायरस का संक्रमण साधारण वायरल संक्रमण की तरह है लेकिन इसका प्रभाव अधिक होने पर निपाह का संक्रमण गंभीर हो जाता है।
डॉ. मनोज ने कहा कि खासकर जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों को जानवरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे पौष्टिक भोजन करें और घर का बना खाना खाएं। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें।
विशेषज्ञों ने कहा कि लोगों को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। अगर जाना जरूरी है तो मास्क जरूर पहनें। बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। किसी भी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि राज्य में अभी तक निपाह वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन पड़ोसी राज्य में मामले आने के बाद सतर्कता जरूरी है। विभाग ने सभी जिलों में निगरानी तेज कर दी है और संदिग्ध मामलों की तुरंत जांच की व्यवस्था की गई है। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।



