Jamshedpur Bomb Alert: झारखंड के जमशेदपुर से एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बहरागोड़ा थाना इलाके के पानीपड़ा-नागुड़साई में सुवर्णरेखा नदी के तट पर रेत की खुदाई कर रहे मजदूरों को जमीन के नीचे एक विशालकाय मिसाइल बम मिला। इस बम का वजन करीब 227 किलोग्राम बताया जा रहा है।
इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि महज चार दिनों के भीतर इसी इलाके में दूसरा बम भी जमीन के अंदर से बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस ने इलाके की पूरी घेराबंदी कर दी और रांची से इंडियन आर्मी की एक विशेष टीम को तुरंत बुलाया गया।
शुरुआती जाँच में पहला बम सक्रिय स्थिति में यानी जिंदा होने की आशंका जताई गई है। इसे डिफ्यूज करने की तैयारी चल रही है और दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय से निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
Jamshedpur Bomb Alert: कैसे हुई बम की खोज? जानें पूरी घटना
शनिवार को बहरागोड़ा इलाके के पानीपड़ा-नागुड़साई में कुछ मजदूर सुवर्णरेखा नदी के किनारे रेत निकालने का काम कर रहे थे। खुदाई के दौरान अचानक उनकी फावड़ी किसी धातु की चीज से टकराई। जब उन्होंने और खोदा तो सामने आई एक विशाल और डरावनी चीज एक मिसाइल बम।
बम देखते ही मजदूरों के होश उड़ गए और वे वहाँ से भाग खड़े हुए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुँचते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों की तरफ जाने लगे।
इसके बाद सोमवार को जाँच के दौरान उसी मैदान में एक और बम मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि जमीन में एक और सिलेंडर जैसी चीज दबी हुई है। सेना की मौजूदगी में जेसीबी से खुदाई की गई और एक और विशाल मिसाइल बम का खोखा बरामद हुआ।
आर्मी की टीम पहुँची, कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में जाँच

बम मिलने की सूचना पर रांची से भारतीय सेना की एक विशेष टीम तुरंत जमशेदपुर रवाना हुई। यह टीम कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुँची और बम की वैज्ञानिक जाँच शुरू की।
सुरक्षा के लिहाज से आर्मी की टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से आसपास के रिहायशी इलाकों की दूरी और भौगोलिक स्थिति का आकलन किया। यह इसलिए जरूरी था ताकि बम को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया में यह तय किया जा सके कि आम लोगों को कितनी दूर सुरक्षित रखना होगा।
कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने घाटशिला के SDO अजीत कुमार कुजूर को बताया कि शुरुआती जाँच में यह बम जिंदा यानी सक्रिय स्थिति में प्रतीत हो रहा है। इस बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट सैन्य मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी और उनके निर्देशानुसार ही बम को डिफ्यूज करने की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा बम भी मिला, खोखा नदी किनारे सुरक्षित रखा
जाँच के दौरान गाँव के भीतर खुदाई में एक और बड़ा खोखा बरामद हुआ। यह मिसाइल बम का खाली खोखा था। इसे सेना की निगरानी में जेसीबी की मदद से जमीन से बाहर निकाला गया।
कैप्टन सिंह के अनुसार इस खोखे को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आबादी वाले इलाके से दूर नदी के किनारे सुरक्षित जगह पर रखा गया है। दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय से जो भी निर्देश आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल, ये बम आए कहाँ से?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सवाल यह है कि आखिर ये मिसाइल बम यहाँ आए कहाँ से? पुलिस इस सवाल का जवाब ढूंढने में जुटी है और कई अनुमान लगाए जा रहे हैं।
पुलिस का एक अनुमान है कि ये बम साल 2018 में कलाईकुंडा एयरबेस के पास हुए एक विमान हादसे के दौरान इस इलाके में गिरे हो सकते हैं। हादसे के बाद ये बम धीरे-धीरे नदी की रेत में दब गए होंगे और अब खुदाई के दौरान सामने आ रहे हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि बहरागोड़ा के इस इलाके में पहले भी विस्फोटक मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं। 1992-93 में भी यहाँ एक क्षतिग्रस्त मिसाइल मिली थी। इससे यह आशंका और बढ़ जाती है कि इस इलाके में जमीन के नीचे और भी खतरनाक विस्फोटक दबे हो सकते हैं।
UXO बम, क्यों होते हैं ये इतने खतरनाक?
विशेषज्ञों ने इस मामले में एक गंभीर चेतावनी दी है। उनके अनुसार ये बम UXO यानी Unexploded Ordnance श्रेणी के हैं। यह वे हथियार या बम होते हैं जो किसी कारण से पहले नहीं फटे लेकिन अभी भी फटने में सक्षम हैं।
UXO बम समय के साथ और भी अस्थिर हो जाते हैं। यानी जितने पुराने होते हैं उतने ही ज्यादा खतरनाक। जरा सी छेड़छाड़, हिलाने-डुलाने या किसी तरह के कंपन से ये फट सकते हैं और भारी तबाही मचा सकते हैं। 227 किलोग्राम के इस बम के फटने की स्थिति में आसपास के कई किलोमीटर के इलाके में भारी नुकसान हो सकता था। इसीलिए सेना और पुलिस ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है और आम लोगों को वहाँ से दूर रखा जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की तैयारी
जमशेदपुर पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। घटनास्थल के आसपास के इलाके में धारा 144 जैसी पाबंदियाँ लागू कर दी गई हैं। लोगों को घटनास्थल के करीब जाने से रोका जा रहा है। पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
घाटशिला के SDO अजीत कुमार कुजूर ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सेना की टीम अपना काम कर रही है और जल्द ही बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों में डर का माहौल
इस पूरे मामले ने स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैला दी है। जो लोग नदी किनारे रेत की खुदाई या मछली पकड़ने का काम करते थे, वे घरों में बंद हो गए हैं। बच्चों को स्कूल भेजने से डर लग रहा है। कई परिवारों ने अस्थायी तौर पर अपना घर छोड़ दिया है।
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