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Jharkhand Bar Council Election 2026: 15 मार्च तक पूरा हो जाएगा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पांच चरणों में प्रक्रिया

Jharkhand Bar Council Election 2026 को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद यह चुनाव 15 मार्च 2026 तक संपन्न हो जाएगा। यह खबर वकीलों के लिए राहत वाली है, जो लंबे समय से नए नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। कोर्ट ने पहले 31 जनवरी 2026 तक सभी चुनाव खत्म करने का आदेश दिया था, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मांग पर इसे पांच चरणों में बांट दिया गया। झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 तीसरे चरण में होगा, जो मार्च तक पूरा हो जाएगा। इससे वकीलों की डिग्रियों का सत्यापन भी तेज होगा। आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया।

झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 की समयसीमा और चरण

झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आधारित है। कोर्ट ने कहा कि सदस्यता सत्यापन के नाम पर चुनाव नहीं रोके जा सकते। इसलिए, जिन राज्यों में चुनाव बाकी हैं, वहां 31 जनवरी 2026 तक प्रक्रिया पूरी हो। लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि इतना समय कम है। इसलिए कोर्ट ने इसे पांच चरणों में बांटा। पहले चरण के चुनाव कुछ राज्यों में 31 जनवरी तक होंगे। झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 तीसरे चरण में आएगा, जो 15 मार्च 2026 तक खत्म हो जाएगा। कुल मिलाकर, सभी राज्यों के चुनाव 30 अप्रैल 2026 तक समाप्त होंगे।

यह व्यवस्था वकीलों के हित में है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिग्री सत्यापन चलते रहने के दौरान भी चुनाव होंगे। जिन वकीलों की डिग्री जांच लंबित है, उन्हें अस्थायी वोटिंग का अधिकार मिलेगा। बाद में फर्जी डिग्री साबित हुई तो वे बाहर हो जाएंगे। झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 में यह नियम लागू होगा। इससे चुनाव में देरी नहीं होगी।

डिग्री सत्यापन का मुद्दा: विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश

झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 की एक बड़ी समस्या फर्जी डिग्री का सत्यापन है। कोर्ट ने सभी विश्वविद्यालयों को विशेष टीम बनाने और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फर्जी डिग्री से कानूनी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसलिए, सत्यापन अनिवार्य है। झारखंड में कई वकीलों की डिग्री जांच के दायरे में हैं। लेकिन कोर्ट ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया चुनाव को रोक नहीं सकती। इसलिए, अस्थायी रूप से वोटिंग की अनुमति दी जाएगी। झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

सत्यापन प्रक्रिया का विवरण

टीम गठन: हर विश्वविद्यालय विशेष टीम बनाएगा।

समयसीमा: एक सप्ताह में रिपोर्ट।

अस्थायी अनुमति: लंबित डिग्री वाले वकील वोट दे सकेंगे।

अंतिम फैसला: फर्जी साबित हुई तो चुनाव रद्द।

निगरानी व्यवस्था: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मजबूत सिस्टम बनाया है। क्षेत्रीय स्तर पर हाई पावर इलेक्शन मॉनिटरिंग कमेटियां होंगी। राष्ट्रीय स्तर पर हाई पावर सुपरवाइजरी कमेटी बनेगी, जिसकी अगुवाई पूर्व जज करेंगे। इससे चुनाव में धांधली रुकेगी। झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 में पारदर्शिता का ख्याल रखा जाएगा।

जिला बार संघों के पदाधिकारियों का मुद्दा: ‘वन मैन वन पोस्ट’ नियम

झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 में जिला बार संघों और हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के चुनाव लड़ने का सवाल भी उठा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 2016 में ‘वन मैन वन पोस्ट’ नियम बनाया था। इसके तहत एक व्यक्ति दो संघों में पद नहीं ले सकता। कुछ राज्यों में यह लागू है, लेकिन झारखंड में अस्पष्टता है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव तिथि घोषणा के साथ ही बार काउंसिल स्पष्ट करेगा। हालांकि, इस नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 में यह मुद्दा जल्द सुलझेगा।

झारखंड बार काउंसिल चुनाव 2026 की यह जानकारी वकीलों के लिए उपयोगी है। लंबे इंतजार का अंत होगा। अधिक अपडेट्स के लिए न्यूज फॉलो करें। झारखंड न्याय की ओर।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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