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Jharkhand News: झारखंड में उच्च शिक्षा को मिली 200 करोड़ की सौगात, 6 जिलों में खुलेंगे नए डिग्री कॉलेज, जानें 1 पूरी योजना

Jharkhand News: झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के ढांचागत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 200 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल मौजूदा शिक्षण संस्थानों का कायाकल्प होगा, बल्कि राज्य के कई जिलों में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

यह घोषणा राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में एक ‘अद्भुत’ और सकारात्मक कदम मानी जा रही है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए अलग-अलग मदों में प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा राज्य के 6 जिलों में नए डिग्री कॉलेज खोलने और मौजूदा अंगीभूत कॉलेजों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

6 जिलों को मिलेगी नए डिग्री कॉलेजों की सौगात

इस 200 करोड़ रुपये की योजना का सबसे बड़ा लाभ उन जिलों को मिलने जा रहा है, जहां उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस फंड से 6 नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना की जाएगी। ये नए कॉलेज गढ़वा, जामताड़ा, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, गोड्डा और गिरिडीह जिलों में खोले जाएंगे।

इन जिलों में नए कॉलेजों की स्थापना से झारखंड में उच्च शिक्षा का ग्राफ मजबूत होगा। इसका सबसे अधिक फायदा ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों, विशेषकर छात्राओं को होगा, जो संसाधनों की कमी के कारण जिला मुख्यालयों या बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करने में असमर्थ थे। अब वे अपने ही जिले में स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

पीएम-उषा कार्यक्रम के तहत होगा विकास

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, इन योजनाओं में से कुछ को ‘पीएम-उषा’ (PM-USHA) कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है। ‘पीएम-उषा’ यानी ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान’, केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्यों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है।

मौजूदा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का भी होगा कायाकल्प

यह 200 करोड़ रुपये का फंड सिर्फ नए कॉलेजों तक ही सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस राशि का एक बड़ा हिस्सा राज्य के मौजूदा विश्वविद्यालयों और उनके अंगीभूत कॉलेजों (Constituent Colleges) के रखरखाव, मरम्मत और उन्नयन (Upgradation) पर भी खर्च किया जाएगा।

कई पुराने कॉलेजों की इमारतें जर्जर हो चुकी थीं या उनमें आधुनिक शिक्षा के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव था। इस फंड के जरिए प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाया जाएगा, नए अकादमिक भवनों का निर्माण होगा और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाई जाएंगी। यह कदम राज्य के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग सुधारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा। झारखंड में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह एक आवश्यक कदम था।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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