Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले में अफीम तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुकुंदगंज में एनएच-33 पर टोयोटा शोरूम के पास 8 किलो 200 ग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी कीमत 42.5 लाख रुपये आंकी गई है। इस झारखंड ड्रग्स छापेमारी में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एसपी अंजनी अंजन को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर विशेष टीम ने छापा मारा। आरोपी चतरा से अफीम लाकर हरियाणा ले जा रहे थे। यह अफीम तस्करी गिरफ्तारी नशे के कारोबार पर लगाम लगाने का बड़ा कदम है।
हजारीबाग अफीम जब्ती: छापेमारी का पूरा ब्यौरा

यह कार्रवाई रविवार को दोपहर के समय की गई। मुकुंदगंज में एनएच-33 पर शोरूम के सामने संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। एएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में बनी टीम ने मौके पर पहुंचकर चार लोगों को आपस में बात करते पाया। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बलों ने उन्हें घेर लिया। तलाशी में प्रत्येक के बैग से 2 किलो अफीम बरामद हुई।
तस्करी का नेटवर्क: चतरा से हरियाणा तक
आरोपी चतरा के जंगलों से अफीम का उत्पादन होने वाले क्षेत्रों से सामग्री ला रहे थे। हजारीबाग अफीम जब्ती ने इस चेन को तोड़ दिया। पुलिस को शक है कि ये लोग बड़े सिंडिकेट से जुड़े हैं। अफीम तस्करी गिरफ्तारी से इलाके में नशे का कारोबार कमजोर पड़ेगा।
पुलिस कार्रवाई: एनडीपीएस एक्ट के तहत केस, न्यायिक हिरास्था में भेजे गए
हजारीबाग अफीम जब्ती के बाद मुफस्सिल थाना में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत केस दर्ज हुआ। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए। एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखेंगे। ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।” झारखंड ड्रग्स छापेमारी में फॉरेंसिक जांच भी हो रही है। पुलिस ने अपील की कि कोई जानकारी हो तो 100 नंबर पर कॉल करें।
नशे का कारोबार: इलाके में बढ़ती समस्या
हजारीबाग और चतरा जैसे जिलों में अफीम की खेती अवैध रूप से हो रही है। यह नशे की लत युवाओं को बर्बाद कर रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं, पुलिस की कार्रवाई से राहत मिली, लेकिन जड़ें मजबूत हैं। अफीम तस्करी गिरफ्तारी से नशा मुक्त अभियान को बल मिलेगा।



