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Jharkhand News: झारखंड में SIR की तैयारी, बीएलओ घर-घर जाकर कर रहे मतदाताओं का सत्यापन

Jharkhand News: झारखंड में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं की मैपिंग और दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। यह विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी का हिस्सा है, जिसकी घोषणा चुनाव आयोग जल्द करेगा। बोकारो जिले के बेरमो अंचल में यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जो फरवरी 2026 में SIR के आयोजन का संकेत देती है। हालांकि झारखंड अभी 12 राज्यों वाले चरण में शामिल नहीं है, लेकिन तैयारी से प्रांत में SIR का एलान निकट भविष्य में होने की उम्मीद है।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के बारे में

SIR यानी Special Intensive Revision एक गहन प्रक्रिया है, जिसमें चुनाव आयोग मतदाता सूची को घर-घर जाकर सत्यापित करता है। इसका उद्देश्य सूची को सटीक, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है, ताकि योग्य मतदाता शामिल हों और डुप्लिकेट या गलत प्रविष्टियां हट सकें। यह प्रक्रिया मतदाता सूची (Electoral Roll) को मजबूत करने के लिए डिजाइन की गई है।

बीएलओ की भूमिका

बीएलओ मतदाताओं को घर जाकर जानकारी दे रहे हैं। यदि किसी के माता-पिता का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, तो दादा-दादी का नाम होना अनिवार्य माना जाएगा। वे मैपिंग और दस्तावेज सत्यापन कर रहे हैं, ताकि SIR पारदर्शी और सटीक हो। बेरमो अंचल कार्यालय के अनुसार, बीएलओ पूरी निगरानी के साथ काम कर रहे हैं। फिलहाल किसी का नाम सूची से हटाने का कोई आदेश नहीं है। यदि दस्तावेज न हों, तो पहले पुन: नोटिस भेजा जाएगा, उसके बाद चुनाव आयोग निर्णय लेगा। नाम हटाने पर सरकारी योजनाओं (जैसे माई सम्मान योजना, पेंशन, राशन कार्ड) से वंचित करने का कोई निर्देश नहीं है।

Jharkhand News: सत्यापन प्रक्रिया

प्रक्रिया में मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न हों, तो दोबारा नोटिस जारी होगा। अंतिम निर्णय चुनाव आयोग लेगा, लेकिन वर्तमान में केवल मैपिंग और सत्यापन पर फोकस है। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि SIR में कोई त्रुटि न हो।

समयरेखा

झारखंड में SIR फरवरी 2026 में चलाए जाने की संभावना है। चुनाव आयोग जल्द तारीखों की घोषणा करेगा। देश स्तर पर पहले चरण में बिहार पूरा हो चुका है। चरण II में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश (उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप) शामिल हैं, जहां 51 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन लक्षित है। इस चरण की अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी होगी।

अधिकारियों के बयान

बेरमो अंचल कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि “फिलहाल किसी का नाम मतदाता सूची से हटाने का आदेश नहीं दिया गया है।” साथ ही, “नाम हटाए जाने की स्थिति में सरकारी योजनाओं से वंचित करने का कोई निर्देश नहीं है।” बीएलओ मतदाताओं को आवश्यक जानकारी प्रदान कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सुगम हो।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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