Jharkhand News: झारखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को घोषणा की है कि राज्य में नई कंपनियां स्थापित करने वाली सभी इकाइयों को कुल नौकरियों का 75 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय लोगों को देना होगा। अगर कोई कंपनी इस नियम का पालन नहीं करेगी, तो उसे झारखंड में काम करने की इजाजत नहीं मिलेगी। यह फैसला राज्य सरकार की बेरोजगारी दूर करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सीएम ने यह बात घाटशिला उपचुनाव के दौरान एक सभा में कही, जहां उन्होंने युवाओं को रोजगार का वादा दोहराया। झारखंड में नई कंपनियों को 75% नौकरी स्थानीय युवाओं को देने का यह आदेश राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा और पलायन रोकने में मदद करेगा।
नई कंपनियों के लिए 75% आरक्षण: क्या है नया नियम?

झारखंड सरकार ने नई औद्योगिक नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब राज्य में कोई भी नई फैक्टरी, कंपनी या उद्योग लगाने वाली इकाई को अपनी कुल भर्ती का 75 फीसदी हिस्सा झारखंड के मूल निवासियों को देना होगा। यह नियम छोटे-बड़े सभी उद्योगों पर लागू होगा। अगर कंपनी इस शर्त को पूरा नहीं कर पाती, तो उसे राज्य से बाहर जाना पड़ेगा। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “हमारी सरकार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। झारखंड का खनिज, जंगल और संसाधन स्थानीय लोगों के लिए हैं, इसलिए नौकरियां भी इन्हीं को मिलेंगी।” यह नीति राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी, लेकिन स्थानीय हितों की रक्षा करेगी।
सीएम हेमंत का बयान: युवाओं को प्राथमिकता
घाटशिला के नरसिंगगढ़ हाट मैदान में आयोजित सभा में सीएम ने कहा, “झारखंड में नई कंपनियां लगेंगी, लेकिन 75 प्रतिशत नौकरियां हमारे स्थानीय भाइयों-बहनों को मिलेंगी। जो कंपनी ऐसा न करे, उसके लिए यहां कोई जगह नहीं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि युवा बाहर न जाएं। यह घोषणा घाटशिला उपचुनाव के संदर्भ में आई, जहां झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन के पक्ष में प्रचार हो रहा था। सीएम ने जनता से अपील की कि वे विकास के इस रास्ते पर साथ दें।
झारखंड में नई कंपनियों को 75% नौकरी स्थानीय युवाओं को देने का यह नियम पिछले साल की औद्योगिक नीति का विस्तार है। पहले 50 प्रतिशत आरक्षण था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 75 किया गया।
घाटशिला उपचुनाव: सीएम का प्रचार और राजनीतिक संदेश
यह घोषणा घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के बीच आई, जो 11 नवंबर को होगा। दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के स्थान पर हो रही इस चुनावी जंग में 13 उम्मीदवार मैदान में हैं। सीएम ने सभा में कहा, “यह चुनाव धनबल और जनबल के बीच का मुकाबला है। भाजपा जैसे दल लालच देकर वोट मांगेंगे, लेकिन आपका वोट शिबू सोरेन और रामदास सोरेन को सच्ची श्रद्धांजलि बने।” सभा में मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक सविता महतो और पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू जैसे नेता मौजूद थे।
उपचुनाव का महत्व: झामुमो की प्रतिष्ठा दांव पर
घाटशिला सीट झामुमो का गढ़ रही है। रामदास सोरेन की पत्नी सूरजमनी सोरेन ने भी सभा में हिस्सा लिया। सीएम ने कहा कि यह चुनाव राज्य की प्रगति का आईना बनेगा। विपक्ष ने इस घोषणा को चुनावी स्टंट बताया, लेकिन सरकार ने इसे नीति का हिस्सा कहा। झारखंड में नई कंपनियों को 75% नौकरी स्थानीय युवाओं को देने का यह फैसला उपचुनाव में युवा वोटरों को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय युवाओं को फायदा: रोजगार बढ़ेगा, पलायन रुकेगा
यह नीति झारखंड के लाखों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी। राज्य में बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत के आसपास है, और हर साल हजारों युवा दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में पलायन करते हैं। अब नई फैक्टरियां लगेंगी, तो स्थानीय स्तर पर ही नौकरियां मिलेंगी। एक युवा ने कहा, “सीएम जी का यह फैसला हमारे लिए उम्मीद की किरण है। अब बाहर जाने की जरूरत न पड़े।” लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों को स्थानीय स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना होगा, वरना नीति का असर कम हो सकता है।



