Jharkhand News: झारखंड पुलिस अब डिजिटल और तकनीकी युग में तेजी से कदम बढ़ाने जा रही है। राज्य पुलिस में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स अपराध विश्लेषण, साइबर अपराध रोकथाम, यातायात प्रबंधन, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) ने सभी राज्यों को इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। झारखंड पुलिस इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
BPR&D की एडवाइजरी – 70 प्रतिशत पुलिसकर्मियों को AI प्रशिक्षण अनिवार्य

BPR&D की एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि राज्य पुलिस बल के कम से कम 70 प्रतिशत कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रशिक्षण से गुजरना होगा। आधुनिक अपराध और डिजिटल आधारित अपराधों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से अपग्रेड करना जरूरी है। एडवाइजरी में जोर दिया गया है कि AI टूल्स का उपयोग अपराध की जांच को तेज करने, अपराध के पैटर्न समझने और अपराधियों की पहचान में मदद करेगा।
झारखंड पुलिस इस एडवाइजरी को गंभीरता से ले रही है। राज्य स्तर पर AI टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे। टास्क फोर्स AI टूल्स के इस्तेमाल, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना और क्षमता निर्माण की पूरी प्रक्रिया संभालेगी। टास्क फोर्स की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से BPR&D को भेजी जाएगी।
रायपुर बैठक में भी हुई चर्चा
8 फरवरी को रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में माओवाद विरोधी अभियान और माओवाद मुक्त क्षेत्रों में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में झारखंड पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने, AI टास्क फोर्स गठित करने और पुलिसकर्मियों को AI प्रशिक्षण देने पर विशेष चर्चा हुई। झारखंड ने इस दिशा में अपनी तैयारियों की जानकारी दी।
इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल से होगा प्रशिक्षण
BPR&D ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि पुलिसकर्मियों की डिजिटल साक्षरता और AI ज्ञान बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल (iGOT) को मुख्य माध्यम बनाया जाए। इस पोर्टल पर AI से जुड़े कई कोर्स उपलब्ध हैं। राज्यों को अधिकतम पुलिसकर्मियों का नामांकन कराकर ये कोर्स पूरे कराने होंगे। इससे पुलिसिंग के निचले स्तर तक तकनीकी दक्षता विकसित होगी।
झारखंड पुलिस ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही पुलिसकर्मियों के बैच बनाकर प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
AI टास्क फोर्स के प्रमुख कार्यक्षेत्र
झारखंड में गठित होने वाली AI टास्क फोर्स के मुख्य कार्यक्षेत्र इस प्रकार होंगे:
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अपराध डेटा का रीयल-टाइम विश्लेषण और पैटर्न पहचान
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साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच में AI टूल्स का उपयोग
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यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण में AI आधारित समाधान
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अपराध की भविष्यवाणी (Predictive Policing) और हॉटस्पॉट मैपिंग
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चेहरे की पहचान, वीडियो एनालिटिक्स और डेटा माइनिंग
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पुलिसिंग में निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज and सटीक बनाना
ये सभी कार्यक्षेत्र झारखंड पुलिस को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने में मदद करेंगे।
Jharkhand News: झारखंड पुलिस का डिजिटल सफर तेज
झारखंड पुलिस पिछले कुछ सालों से डिजिटल और तकनीकी सुधारों पर जोर दे रही है। CCTV नेटवर्क का विस्तार, मोबाइल ऐप आधारित शिकायत प्रणाली, ड्रोन का उपयोग और अब AI टास्क फोर्स का गठन – ये सभी कदम राज्य में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को नई ऊंचाई देने वाले हैं।
AI टास्क फोर्स के गठन से अपराध जांच में क्रांति आ सकती है। अपराध के पैटर्न को समझने, दोषियों की तलाश और अपराध रोकथाम में AI बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। साथ ही पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और दक्षता में भी बढ़ोतरी होगी।
झारखंड पुलिस अब तकनीक के सहारे अपराध से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है। यह कदम राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।



