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झारखंड विधानसभा हुई पेपरलेस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया एनईवीए सेवा केंद्र का उद्घाटन, मंत्रियों-विधायकों को मिले टैबलेट

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा ने आज डिजिटल क्रांति की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य की विधायी प्रक्रिया को पूरी तरह कागजरहित (पेपरलेस) बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब मंत्रियों और विधायकों को विधायी कार्यों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैबलेट के माध्यम से प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयक, प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचनाएं और अन्य सभी विधायी दस्तावेज डिजिटल रूप में देखे और पढ़े जा सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो, जिन्होंने सोमवार को ही तैयारियों का जायजा लिया था, इस बदलाव को लेकर काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि NeVA के जरिए विधानसभा की कार्यवाही में पारदर्शिता, समयबद्धता और कार्यकुशलता में व्यापक सुधार होगा। साथ ही, कागज के इस्तेमाल में भारी कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया औपचारिक उद्घाटन

आज, 11 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा परिसर में NeVA सेवा केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। इस गरिमामय अवसर पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री, राज्य सरकार के अन्य मंत्री और विधानसभा के सदस्य उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह संपन्न होने के बाद, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में मंत्रियों और विधायकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान सभी माननीय सदस्यों को टैबलेट प्रदान किए गए और उन्हें NeVA प्लेटफॉर्म का व्यावहारिक उपयोग सिखाया गया। विधानसभा सचिवालय ने इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।

NeVA: अब डिजिटल रूप में संचालित होगी सदन की कार्यवाही

Jharkhand News - employees using tablets
Jharkhand News – employees using tablets

राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के लागू होने के बाद झारखंड विधानसभा की कार्यप्रणाली में निम्नलिखित बदलाव आए हैं:

  • डिजिटल दस्तावेज: अब प्रश्नोत्तर, ध्यानाकर्षण, विधेयक और प्रस्ताव पूरी तरह डिजिटल रूप में प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

  • कार्यवाही का अभिलेख: सदन की कार्यवाही का अब रियल-टाइम डिजिटल अभिलेख तैयार होगा।

  • पारदर्शिता: सूचनाओं का आदान-प्रदान अब पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी हो गया है।

  • पर्यावरण हितैषी: कागज का उपयोग लगभग समाप्त होने से संसाधनों की बड़ी बचत होगी।

आगामी बजट सत्र से सदन की अधिकांश कार्यवाही इसी NeVA प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसे भविष्य में शत-प्रतिशत डिजिटल करने का लक्ष्य है।

Jharkhand News: डिजिटल झारखंड की ओर एक महत्वपूर्ण पड़ाव

झारखंड विधानसभा को पेपरलेस बनाना राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सेवा केंद्र के उद्घाटन और सदस्यों के सफल प्रशिक्षण के साथ ही झारखंड ने विधायी कार्यों में आधुनिक तकनीक अपनाने के मामले में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। यह कदम न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि लोकतंत्र की इस सर्वोच्च संस्था को अधिक प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाएगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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