- 150 करोड़ की कथित गड़बड़ी पर सियासत तेज
- BJP ने जांच के दायरे पर उठाए सवाल
Ranchi: झारखंड में 150 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ट्रेजरी अनियमितता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मामले की जांच को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कार्रवाई का दायरा सीमित रखा जा रहा है। भाजपा का कहना है कि इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी की जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह के मुताबिक, हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, रामगढ़ और चाईबासा समेत कई जिलों के कोषागारों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी का दावा है कि शुरुआती जांच में कथित गड़बड़ी का आंकड़ा 150 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
भाजपा ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि से जुड़ी कथित अनियमितता में केवल कर्मचारियों की भूमिका की जांच पर्याप्त कैसे हो सकती है। पार्टी ने मांग की है कि जांच एजेंसियां उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल करें, जो संबंधित अवधि में वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर तैनात थे।
अजय साह ने कहा कि SIT और CID की जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए और दस्तावेजों, भुगतान प्रक्रिया तथा स्वीकृति व्यवस्था की भी गहराई से जांच की जानी चाहिए।
SP और वित्तीय व्यवस्था पर भी सवाल
भाजपा ने कोषागार से भुगतान और निकासी की प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा कि जिन जिलों में कथित अनियमितताएं सामने आईं, वहां उस समय जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों की भूमिका की जांच किस स्तर तक हुई है।
भाजपा ने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

