महाराष्ट्र:नागपुर में औरंगजेब की कब्र को हटाने को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद नागपुर में भड़की हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम खान के घर पर सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। नागपुर महानगर पालिका (NMC) ने उसे खुद से अवैध निर्माण हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कार्रवाई न होने पर नगर निगम ने खुद ही यह कदम उठाया।
क्या है पूरा मामला?
17 मार्च को नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने फहीम खान को हिंसा का मास्टरमाइंड बताया और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, वह पुलिस हिरासत में है। प्रशासन का कहना है कि फहीम खान का दो मंजिला मकान संजय बाग कॉलोनी में अवैध रूप से बना था, जिसके चलते नगर निगम ने इसे तोड़ने की कार्रवाई की।
फहीम खान पर और क्या कार्रवाई हुई?
फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (MDM) का नागपुर शहर अध्यक्ष है। जांच में पता चला है कि उसकी दो दुकानों का इस्तेमाल भी दंगाइयों ने किया था। इस आधार पर पुलिस ने उसकी दोनों दुकानों को भी सील कर दिया है।
बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2024 में स्पष्ट किया था कि किसी भी नागरिक के घर को बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए तोड़ना गैरकानूनी है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि केवल इसलिए किसी व्यक्ति के घर को गिराना उचित नहीं होगा क्योंकि उसके परिवार का कोई सदस्य अपराध में शामिल है। हालांकि, अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार नियमानुसार कार्रवाई कर सकती है।
नागपुर में हालात सामान्य
17 मार्च को हुए दंगों के बाद नागपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे अब हटा लिया गया है। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अवैध संपत्तियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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