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Petrol-Diesel Price 26 Sep 2026: आज पेट्रोल डीजल कीमतें 26 सितंबर, दिल्ली मुंबई समेत महानगरों में दरें स्थिर

Petrol-Diesel Price 26 Sep 2026: शनिवार 26 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें नहीं बदलीं। सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे के दैनिक रिवीजन में दरें यथावत रखीं। उपभोक्ताओं को पंप पर फिलहाल राहत मिली हुई है।

यह ठहराव उस समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में गिरावट चल रही है। रिपोर्ट के अनुसार तेल इस समय एक साल की सबसे लंबी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। महानगरों में भाव स्थिर रहने से आम उपभोक्ता के लिए दैनिक खर्च में फिलहाल कोई नया बोझ नहीं बढ़ा।

मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर पर बना रहा। पिछले कुछ दिनों में वहां भाव 111.18 से 111.21 रुपये के बीच थोड़ा सा घटा बढ़ा था। दिल्ली, नोएडा, लखनऊ सहित कई शहरों में भी शुक्रवार जैसी दरें कायम हैं।

26 सितंबर को पेट्रोल डीजल की कीमतें शहरों में कितनी हैं?

नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये तथा डीजल 97.83 रुपये है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये चल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये तथा डीजल 99.55 रुपये है।

गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और डीजल 95.64 रुपये है। नोएडा में पेट्रोल 101.96 रुपये तथा डीजल 95.44 रुपये है। बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये और डीजल 99.56 रुपये है। भुवनेश्वर में पेट्रोल 108.97 रुपये तथा डीजल 100.68 रुपये दर्ज है।

चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.54 रुपये और डीजल 89.47 रुपये है। हैदराबाद में पेट्रोल 116.15 रुपये तथा डीजल 104.23 रुपये है। जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 98.25 रुपये है। लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये तथा डीजल 95.36 रुपये है। पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये है। तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 115.49 रुपये तथा डीजल 104.40 रुपये है।

इन आंकड़ों से साफ है कि महानगरों में शुक्रवार की तुलना में शनिवार को कोई बदलाव नहीं हुआ। मुंबई में पिछले कुछ दिनों की हलचल भी बहुत मामूली रही। उपभोक्ता आज भी वही भाव चुका रहे हैं जो एक दिन पहले था।

तेल कंपनियों ने दरें क्यों नहीं बढ़ाईं?

Govt slashes excise duty on petrol to Rs 3/litre, exempts diesel to shield  consumers from global crude price riseराज्य संचालित तेल विपणन कंपनियां रोज सुबह 6 बजे दरों की समीक्षा करती हैं। 26 सितंबर को इस समीक्षा के बाद भाव स्थिर रखे गए। इससे पंप पर उपभोक्ताओं को संक्षिप्त राहत मिली है।

देश के अंदर यह ठहराव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल में गिरावट के साथ आया है। बाजार इस समय एक साल की सबसे लंबी गिरावट की राह पर बताया जा रहा है। घरेलू दरें तुरंत कच्चे तेल के हर उतार चढ़ाव से नहीं बदलतीं लेकिन स्थिरता उपभोक्ता के लिए राहत का संकेत है।

मुंबई जैसे शहर में पेट्रोल कुछ दिनों से 111.18 से 111.21 रुपये के संकीर्ण दायरे में रहा। शनिवार को ऊपरी स्तर 111.21 रुपये पर ही टिका। अन्य महानगरों की तालिका भी यही बताती है कि दिन भर पुरानी दरें लागू रहीं।

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल में गिरावट क्यों आई?

कच्चे तेल में गिरावट इसलिए आई क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग रूट को फिर खोलने की बातचीत आगे बढ़ने के शुरुआती संकेत मिले। ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के अनुसार वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वायदा करीब 2.3 प्रतिशत गिरकर लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

अगस्त के अंत के बाद यह पहली साप्ताहिक गिरावट है। कारोबारी बातचीत को उत्पादक मान रहे हैं। मध्य पूर्व से तेल की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता के कारण भाव ऊपर नीचे होते रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को टैंकरों के लिए पूरी तरह खोलने की उम्मीद बढ़ने पर कीमतें गिरती हैं। संदेह बढ़ने पर कीमतें चढ़ती हैं।

यह उतार चढ़ाव युद्ध कब तेल की आवाजाही सामान्य करेगा इस अनिश्चितता से जुड़ा है। शनिवार की घरेलू स्थिरता इसी वैश्विक दबाव के बीच आई है। उपभोक्ता के लिए फिलहाल पंप भाव नहीं बदले।

अमेरिका ईरान बातचीत का तेल भाव पर क्या असर है?

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अनाम अमेरिकी अधिकारियों के हवाले लिखा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकरा दिया। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और सात दिन में क्षेत्रीय लड़ाई रोकने की बात थी। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने सहयोगियों से कहा कि नवंबर के कांग्रेस चुनाव के बाद बमबारी फिर शुरू करने की उम्मीद है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों से कहा कि ईरान ने कतरी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को शांति योजना भेजी। समझौता होने पर जलडमरूमध्य खोलने और लड़ाई रोकने की सात दिन की उलटी गिनती शुरू होगी। अरागची ने कहा कि अगर अमेरिकी पक्ष समझौते और जलडमरूमध्य खोलने को लेकर गंभीर है तो सब तैयार है।

रॉयटर्स से एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हो रही है। जर्नल के अनुसार ट्रंप निजी तौर पर संशय में हैं कि ईरान उनकी मांगें पूरी करेगा। उन्होंने स्टाफ से कहा कि नए हमले की संभावना दिखती है। ये दावे समाचार रिपोर्टों और अधिकारियों के हवाले हैं।

उपभोक्ताओं के लिए स्थिर दरों का क्या मतलब है?

शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 और डीजल 95.20 रुपये रहा। नोएडा में पेट्रोल 101.96 और डीजल 95.44 रुपये है। लखनऊ में पेट्रोल 101.86 तथा डीजल 95.36 रुपये है। इन शहरों में दैनिक आवागमन वाले उपभोक्ता आज पुरानी दर पर ईंधन ले रहे हैं।

मुंबई और बेंगलुरु जैसे महंगे शहरों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मुंबई पेट्रोल 111.21 और बेंगलुरु 111.68 रुपये पर स्थिर है। हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल क्रमशः 116.15 और 115.49 रुपये है। चंडीगढ़ में डीजल 89.47 रुपये पर सबसे कम स्तरों में दिखता है।

कच्चे तेल में साप्ताहिक गिरावट के बावजूद घरेलू दरें तुरंत नहीं उतरीं। कंपनियों ने रिवीजन में भाव जस के तस रखे। उपभोक्ता के लिए यह कम से कम एक दिन का स्थिर खर्च है। आगे का रुख अंतरराष्ट्रीय बातचीत और अगले रिवीजन पर निर्भर करेगा। फिलहाल 26 सितंबर की तालिका वही है जो सुबह तय हुई।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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