Jharkhand News: झारखंड में सहायक लोक अभियोजक की भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित इस परीक्षा पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है। परीक्षा 20 दिसंबर को रांची के 27 केंद्रों पर होगी। इस धारा से परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने का इंतजाम किया गया है।
धारा 163 क्यों और कैसे लागू की गई?
रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी और अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) ने पुलिस के साथ मिलकर यह फैसला लिया। असामाजिक तत्व परीक्षा के दौरान भीड़ जमा कर या अन्य तरीके से व्यवधान पैदा कर सकते हैं। ऐसी किसी भी कोशिश को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी सदर ने निषेधाज्ञा जारी की है।
धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में कई चीजें प्रतिबंधित हैं। यह आदेश 20 दिसंबर को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक लागू रहेगा। मुख्य प्रतिबंध ये हैं:
- पांच या इससे ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे (सरकारी काम करने वाले, शवयात्रा या सरकारी कार्यक्रम को छोड़कर)।
- लाउडस्पीकर या कोई ध्वनि विस्तारक यंत्र इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
- बंदूक, राइफल, बम, बारूद जैसे हथियार लेकर नहीं चला जा सकेगा (सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर)।
- लाठी, भाला, तीर-धनुष जैसे हथियार भी प्रतिबंधित हैं।
- कोई बैठक, जुलूस या आमसभा नहीं हो सकेगी।
इन नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
परीक्षा का क्या है महत्व?
यह परीक्षा झारखंड अभियोजन सेवा के लिए सहायक लोक अभियोजक की सीधी भर्ती के लिए है। हजारों उम्मीदवार इसमें हिस्सा लेंगे। जेपीएससी परीक्षा का संचालन कर रही है। प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती की है ताकि कोई गड़बड़ न हो। केंद्रों पर पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट भी निगरानी करेंगे।
परीक्षा निष्पक्ष होने से योग्य उम्मीदवारों को मौका मिलेगा। भ्रष्टाचार या नकल की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उम्मीदवारों का विश्वास बढ़ेगा और भर्ती प्रक्रिया मजबूत होगी।
Jharkhand News: उम्मीदवारों के लिए क्या सलाह?
उम्मीदवारों को समय पर केंद्र पहुंचना चाहिए। प्रवेश पत्र और आईडी प्रूफ साथ रखें। केंद्र के आसपास अनावश्यक भीड़ न करें। नियमों का पालन करें ताकि परीक्षा सुचारु रूप से हो।
झारखंड सरकार और जेपीएससी परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। ऐसे इंतजामों से भर्ती की विश्वसनीयता बढ़ेगी। लोग इस कदम की तारीफ कर रहे हैं। उम्मीद है कि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होगी।



