मध्यप्रदेश: ग्वालियर में 9 दिसंबर को एक ऐसी घटना हुई, जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप गई। यकीन करना मुश्किल है, लेकिन दो बेटों ने अपनी बूढ़ी मां को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।लेकिन इससे पहले उन्होंने उसे खूब प्रताड़ित किया था। स्थानीय लोगों ने इस बारे में जो बातें बताई, वह किसी की भी आंखें भर जाएंगी। लोगों ने बताया कि कमला देवी करीब 88 साल की थीं। उनके दो बेटे थे, डालचंद और प्रेम नारायण उर्फ पप्पू।कमला देवी चलने-फिरने में समर्थ नहीं थीं। प्रेम नारायण कोटा वाला मोहल्ला में किराए के मकान में रहता है। वह अपनी माँ को किराए के मकान में ले जाना नहीं चाहता था। वहीं दूसरा भाई डालचंद राय कॉलोनी में अपनी सास के घर में रहता था। उसकी पत्नी भी बूढ़ी माँ को रखने के पक्ष में नहीं थी।
दोनों बेटों में से कोई बूढ़ी माँ को रखना नहीं चाहता था। कुछ समय पहले जब कमला देवी की तबियत खराब हुई, तो बेटों ने उन्हें घर से निकाल दिया। मोहल्ले के लोग ये देखकर हैरान रह गए। कुछ लोग उन्हें लेकर थाने पहुंच गए।पुलिस ने दोनों बेटों को थाने पर बुलवाया। दोनों ही कमला देवी को रखने के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इसके बाद दोनों ने तय किया कि एक-एक महीने करके माँ को अपने पास रखेंगे।
माँ को साथ रखने के लिए तैयार नहीं थे दोनों बेटे
लेकिन ये महज कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए दिखावा था। खाना और दवा भी बंद कर दी गई। बेटों ने अपनी माँ को मकान की छत पर पड़ी खटिया पर लेटा दिया। न खटिया पर चादर बिछाई और न ही ओढ़ने के लिए कंबल दी।आस-पास बल्लियों पर कपड़े लटका दिए, ताकि लोगों को वह दिखाई न दे। इसके बाद दोनों बेटे उसके मरने का इंतजार करने लगे। कमला देवी को ठंड में ठिठुरता देख पड़ोस में रहने वाली महिला ने सर्दियों में भैंसों के लिए बनी बोरों की रजाई छत पर फेंक दी।
कमला देवी इसी रजाई को ओढ़कर सोती थीं। बेटों ने उनका खाना-पीना भी बंद कर दिया था। पड़ोस के ही लोग अक्सर उनके खाने के लिए चुपके से कोई चीज छत पर फेंक देते थे।

जब इतना सब करके भी बेटों का मन नहीं भरा, तो एक दोनों ने मिलकर बूढी माँ को मौत के घाट उतार दिया। डालचंद ने कमला देवी के दोनों हाथ पकड़े, प्रेम नारायण ने बाएं हाथ से उसका मुंह दबाया कि वह चिल्ला न सके और दाहिने हाथ से गला दबा दिया।
तीन पॉइंट में जानिए पूरा मामला
* मामला ग्वालियर शहर की राय कॉलोनी का है। प्रेम नारायण और लालचंद ने मां कमला देवी कोष्ठा (88) की हत्या की। इसे सामान्य मौत का रूप देकर अंतिम संस्कार की भी तैयारी कर ली थी।
* पड़ोसियों ने महिला के गले पर उंगलियों के निशान देखकर पुलिस को सूचना दे दी। घटना 9 दिसंबर की दोपहर की है। 13 दिसंबर को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा हुआ।
गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात 1.30 बजे पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी बेटों को गिरफ्तार कर लिया। बेटों ने जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों ने शराब पीकर मां की हत्या की थी।
इस दौरान कमला देवी का सिर खटिया पर दबा हुआ था। जोर पड़ने पर हड्डी टूट गई और उनके कान और नाक से खून आ गया।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद पूछताछ जब हुई तो पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।

रि-क्रिएट किया क्राइम सीन
दोनों थाने में ही रोने लगे। पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित करने के लिए क्राइम सीन का रि-क्रिएशन करवाया। दरोगा संजय शर्मा वृद्धा की तरह खटिया पर लेटे। डालचंद ने हाथ पकड़े और प्रेमनारायण ने गला दबाकर दिखाया।
हवालात में बहा रहे नौटंकी के आंसू
पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। इसके पहले शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात दोनों ने ग्वालियर थाने की हवालात में गुजारी। दोनों पुलिस के सामने नौटंकी करते रहे। दोनों अब कह रहे हैं कि उनको पता है कि उन्होंने पाप किया है। इसकी सजा उनको जिंदगी भर भोगनी पड़ेगी। उनके घड़ियाली आंसुओं को पुलिस अधिकारी भी समझ रहे हैं। यही कारण है कि उनसे जरा भी सहानुभूति किसी ने नहीं दिखाई है।
पहले शराब पी, फिर की हत्या
ग्वालियर थाना प्रभारी आसिफ मिर्जा बेग का कहना है कि दोनों आरोपियों ने घटना स्वीकार की है। उन्होंने पहले शराब पी, फिर मां की हत्या की।

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