वाराणसी: रविवार शाम अचानक खबर आई – फहाद अहमद के पिता को ब्रेन हेमरेज हो गया। रात भर हॉस्पिटल, सोमवार सुबह इमरजेंसी ऑपरेशन। स्वरा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिर्फ़ एक लाइन लिखी – “हम इस अनफॉर्चुनेट फैमिली इमरजेंसी में हैं। कुछ दिन अनअवेलेबल रहेंगे। अंकल के लिए दुआ कीजिए।” दो फोल्डेड हैंड्स इमोजी। और बस।
Tata + Dada” वाली तस्वीर आज आँखें नम कर रही है
2023 में जब राबिया पैदा हुई थी, स्वरा ने एक तस्वीर शेयर की थी – फहाद के पिता (दादा) और स्वरा के पिता (नाना) बच्ची को गोद में लिए मुस्कुरा रहे थे। कैप्शन था – “Tata + Dada ♡” आज वही तस्वीर देखकर लाखों लोग रो रहे हैं। “जो कल तक बच्ची को गोद में खिलखिला रहे थे, आज वो खुद ICU में लड़ रहे हैं।”
मनोवैज्ञानिक रूप से हम “होगा ठीक” बोलकर खुद को धोखा देते हैं
जब घर में कोई अपना ICU में हो, तो दिमाग एक ही लाइन दोहराता है – “सब ठीक हो जाएगा”। ये हमारा डिफेंस मैकेनिज़्म है। लेकिन स्वरा ने कुछ नहीं छुपाया। सिर्फ़ दुआ माँगी। “जब शब्द कम पड़ जाएँ, तो दुआएँ काम आती हैं।”
फहाद ने कुछ नहीं लिखा, बस चुप है
फहाद अहमद, जो सोशल मीडिया पर हमेशा वोकल रहते हैं, आज खामोश हैं। कोई पोस्ट नहीं, कोई स्टोरी नहीं। क्योंकि कुछ चीज़ें इतनी पर्सनल होती हैं कि शेयर नहीं की जातीं। “चुप्पी भी एक भाषा है – जो सिर्फ़ अपना समझता है।”
स्वरा का वो मैसेज जो हर किसी को छू गया
स्वरा ने लिखा – “अंकल के लिए दुआ कीजिए।” बस इतना। लेकिन लाखों लोगों ने रिप्लाई में दुआएँ भेजीं। क्योंकि जब कोई अपना इतनी ईमानदारी से दुआ माँगे, तो दिल खुद-ब-खुद झुक जाता है।
राबिया अभी सिर्फ़ 2 साल की है, उसे क्या पता
घर में नई-नई चलना सीख रही बच्ची। दादा को गोद में लेकर खेलती थी। आज वो पूछ रही होगी – “दादा कहाँ हैं?” और मम्मी-पापा के पास जवाब नहीं। “बचपन की सबसे बड़ी मासूमियत यही है – उसे पता नहीं कि दुआ क्या होती है, पर वो खुद दुआ बन जाती है।”
आखिरी बात –
स्वरा और फहाद आज वही कर रहे हैं जो हम सब करते हैं – अस्पताल के बाहर बैठकर वक्त को धीमा करने की कोशिश। और हम सब बस इतना कर सकते हैं – अंकल को जल्दी ठीक कर दे। उन्हें तंदुरुस्ती दे, हिम्मत दे, लंबी उम्र दे। और स्वरा-फहाद को ताकत दे।”क्योंकि जब घर में कोई अपना लड़ रहा हो, तो पूरी कायनात दुआ में बदल जाती है।
अंकल जल्दी ठीक हों। राबिया को उसका दादा जल्दी मिले। और स्वरा-फहाद को हिम्मत मिले।



