
Jharkhand News: झारखंड में 1 सितंबर से शराब दुकानों की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। राज्य सरकार ने नई उत्पाद नीति के तहत 1343 शराब दुकानों का आवंटन किया है, जिसमें 159 देसी शराब और 1184 कंपोजिट शराब दुकानें शामिल हैं। सभी जिलों ने अपनी सूची उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को सौंप दी है। रांची और धनबाद में सबसे ज्यादा दुकानें खुलेंगी। यह खबर झारखंड के लोगों के लिए खास है, क्योंकि इससे शराब की बिक्री और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नई व्यवस्था: कितनी दुकानें, कहां-कहां?
पहले झारखंड में 1453 शराब दुकानें थीं, लेकिन अब नई नीति के तहत 1343 दुकानों का ही बंदोबस्त होगा। रांची में सबसे ज्यादा 152 दुकानें खुलेंगी, जबकि धनबाद में 132 दुकानें होंगी। अन्य जिलों में भी दुकानों का बंटवारा हुआ है, जैसे जमशेदपुर में 98, हजारीबाग में 75 और बोकारो में 68 दुकानें। इन दुकानों के लिए आवेदन और लॉटरी की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
जानें क्यों बदली गई व्यवस्था?
झारखंड सरकार ने शराब की बिक्री को पारदर्शी और व्यवस्थित करने के लिए यह कदम उठाया है। नई नीति के तहत अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य है। सरकार का कहना है कि इससे न केवल शराब की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। लॉटरी सिस्टम से दुकानों का आवंटन होगा, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
Jharkhand News: लोगों को क्या फायदा होगा?
नई व्यवस्था से शराब दुकानों की संख्या कम होने से अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों के आवंटन से छोटे व्यापारियों को मौका मिलेगा। रांची और धनबाद जैसे बड़े शहरों में ज्यादा दुकानें होने से लोगों को शराब खरीदने में आसानी होगी। इसके अलावा, सरकार ने साफ-सुथरी दुकानें और उचित कीमत सुनिश्चित करने का वादा किया है।
झारखंड में यह नई नीति न केवल शराब के कारोबार को व्यवस्थित करेगी, बल्कि बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों में अवैध शराब की तस्करी को भी कम करेगी। लोग अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि लॉटरी प्रक्रिया कब शुरू होगी और कितने लोगों को इसका लाभ मिलेगा।