Lucknow: उत्तर प्रदेश में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। फर्जी जॉब ऑफर, वीजा और विदेश भेजने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए सरकारी एजेंसियां लोगों को केवल अधिकृत और पंजीकृत रिक्रूटिंग एजेंट के माध्यम से ही विदेश में रोजगार की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दे रही हैं।
गोरखपुर में सामने आए एक मामले में विदेश में नौकरी दिलाने का दावा करने वाली एक एजेंसी के कार्यालय पर कार्रवाई के दौरान 397 पासपोर्ट, करीब 3.89 लाख रुपये और बड़ी संख्या में मेडिकल फॉर्म व अन्य दस्तावेज बरामद होने की रिपोर्ट है। पुलिस के अनुसार, युवाओं को खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था।
केवल पंजीकृत रिक्रूटिंग एजेंट से करें संपर्क
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश में रोजगार के लिए भारतीय नागरिकों की भर्ती करने वाले रिक्रूटिंग एजेंट का Emigration Act, 1983 के तहत पंजीकृत होना जरूरी है। मंत्रालय की वेबसाइट पर पंजीकृत एजेंटों की जानकारी उपलब्ध है और उम्मीदवार eMigrate पोर्टल के जरिए एजेंट का सत्यापन कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय यह भी सलाह देता है कि नौकरी की वास्तविकता और विदेशी नियोक्ता की जानकारी की पुष्टि किए बिना किसी एजेंट को पैसा, पासपोर्ट या शैक्षणिक प्रमाणपत्र न सौंपें।

यूपी की सरकारी एजेंसी ने भी जारी की चेतावनी
उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल कॉरपोरेशन की Overseas Manpower Recruiting Agency (UPFC OMRA) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नौकरी तलाशने वालों को फर्जीवाड़े और बिचौलियों से सावधान रहने की सलाह देती है। एजेंसी स्पष्ट करती है कि वह नौकरी चाहने वालों से संपर्क करने या उनसे पैसे लेने के लिए किसी निजी बिचौलिए को अधिकृत नहीं करती।
ठगी होने पर कहां करें शिकायत?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यदि कोई अनधिकृत एजेंट विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता है, तो उसकी शिकायत eMigrate पोर्टल पर की जा सकती है। मंत्रालय की Overseas Workers Resource Centre (OWRC) हेल्पलाइन 1800 11 3090 भी उपलब्ध है।
नोट: “यूपी में सिर्फ 120 पंजीकृत एजेंसियां और 4 लाख एजेंट” वाला दावा फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित नहीं हो सका है। इसे प्रकाशित करने से पहले संबंधित सरकारी रिपोर्ट या आधिकारिक आंकड़े से पुष्टि करना जरूरी है

