Kolkata: पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम के बाद अब रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रेजिनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को पुलिस ने शनिवार को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई कथित झड़प से जुड़े मामले में हुई है। यह कार्रवाई नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई।
पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, सैफुल इस्लाम के खिलाफ 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प से संबंधित मामला दर्ज था। पुलिस का कहना है कि इस मामले में उनका नाम आरोपी के तौर पर दर्ज था। मामले में कार्रवाई लंबित थी और शनिवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया।
सैफुल इस्लाम ने रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है।
आम जनता उन्नयन पार्टी से जुड़े हैं सैफुल
सैफुल इस्लाम का संबंध आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से बताया गया है। पार्टी का नेतृत्व हुमायूं कबीर करते हैं। AJUP ने रेजिनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे गोलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
पार्टी की ओर से गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए गए हैं और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया गया है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को पुराने मामले में कानूनी कार्रवाई बताया है। दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
नंदीग्राम के बाद रेजिनगर में भी गिरफ्तारी
रेजिनगर की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर भी राजनीतिक विवाद चल रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया था और बाद में अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
नंदीग्राम और रेजिनगर दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इन दोनों सीटों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और गुटों के उम्मीदवार मैदान में हैं।

