मंगलवार, 3 नवंबर 2026
लाइव देखें
हॉट टॉपिक्स
ब्रेकिंग

UP News: मुकेश सहनी का यूपी निषाद आरक्षण अभियान तेज, 50 लाख लोगों से संकल्प का लक्ष्य

21 सितंबर 2026
UP News
UP News

UP News: विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी रविवार को प्रतापगढ़ पहुंचे। लीला पैलेस में हुए कार्यक्रम में समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लिया।

बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में यह अभियान तेज हो गया है। सहनी का लक्ष्य प्रदेश के 50 लाख निषादों को आरक्षण के पक्ष में संकल्प दिलाना है। अब तक करीब 4 से 5 लाख लोग इससे जुड़ चुके हैं।

30 नवंबर के बाद राजनीतिक फैसला लिया जाएगा। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी चुनाव में वोट को लेकर फैसला होगा। यह मुद्दा निषाद समाज के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण बना हुआ है।

प्रतापगढ़ कार्यक्रम में क्या हुआ?

रविवार को प्रतापगढ़ के लीला पैलेस में मुकेश सहनी का स्वागत पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने किया। कार्यक्रम के दौरान निषाद आरक्षण की मांग को लेकर गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प लिया गया।

जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इस संकल्प में हिस्सा लिया। सहनी ने यहां अपने अभियान और आगे की योजना के बारे में जानकारी दी। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में चल रहे जागरूकता अभियान का हिस्सा था।

प्रतापगढ़ पहुंचकर सहनी ने स्थानीय स्तर पर संपर्क बढ़ाने की बात कही। पार्टी कार्यकर्ता अब गांव गांव जाकर लोगों से मिलेंगे। इस तरह का आयोजन अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने का माध्यम बन रहा है।

यूपी में निषाद आरक्षण अभियान का लक्ष्य क्या है?

मुकेश सहनी ने बताया कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में जागरूकता और संकल्प अभियान चल रहा है। उनका स्पष्ट लक्ष्य प्रदेश में 50 लाख निषादों को इस मांग के लिए संकल्प दिलाना है।

अभियान से अब तक 4 से 5 लाख लोग जुड़कर संकल्प ले चुके हैं। सहनी के अनुसार फिलहाल पूरा जोर समाज को जागरूक करने और मांग को मजबूत करने पर है। अभियान के लिए अभी करीब 70 दिन का समय बचा है।

उत्तर प्रदेश में निषाद समाज पिछले 10 से 12 वर्षों से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। सहनी ने कहा कि समाज की यह मांग पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा। मुख्य मुद्दा आरक्षण दिलाना ही है।

यह अभियान बिहार के अनुभव के बाद यूपी में विस्तार पा रहा है। स्थानीय कार्यक्रमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक बात पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

30 नवंबर के बाद क्या फैसला लिया जाएगा?

सहनी ने साफ किया कि 30 नवंबर के बाद राजनीतिक निर्णय लिया जाएगा। अभी पूरा ध्यान जागरूकता और संकल्प अभियान पर केंद्रित है। इसके बाद अगले चरण और रणनीति पर फैसला होगा।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो आने वाले चुनाव में समाज अपने वोट को लेकर राजनीतिक फैसला करेगा। आरक्षण का मुद्दा समाज के लिए अहम है।

यह घोषणा प्रतापगढ़ कार्यक्रम में की गई। सहनी ने दोहराया कि अभियान का अगला चरण इसी समयसीमा के बाद तय होगा। राजनीतिक रणनीति उसी के अनुरूप बनेगी।

चुनावी संदर्भ में यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव की चर्चा पहले से है। अभियान इसी पृष्ठभूमि में आगे बढ़ रहा है।

प्रतापगढ़ की सीटों पर अभियान कैसे फैलेगा?

मुकेश सहनी ने बताया कि प्रतापगढ़ की सभी सात विधानसभा सीटों तक अभियान पहुंचाया जाएगा। कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों में लोगों से संपर्क करेंगे। निषाद आरक्षण के मुद्दे पर जागरूकता फैलाई जाएगी।

गांव गांव स्तर पर यह काम करने की तैयारी है। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता इस योजना को अमल में लाएंगे। प्रतापगढ़ कार्यक्रम इसी विस्तार का शुरुआती कदम था।

इससे अभियान सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संकल्प लेने वाले लोगों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। 50 लाख का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऐसे स्थानीय विस्तार जरूरी बताए गए हैं।

सहनी ने कहा कि समाज की मांग पूरी होने तक यह सिलसिला चलेगा। प्रतापगढ़ समेत अन्य जिलों में भी इसी तर्ज पर काम आगे बढ़ेगा।

निषाद आरक्षण की मांग क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?

उत्तर प्रदेश में निषाद समाज लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहा है। सहनी के अनुसार यह मांग 10 से 12 साल पुरानी है। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक के रूप में वे इस मुद्दे को राजनीतिक प्राथमिकता दे रहे हैं।

अगर सरकारें इस मांग पर ध्यान नहीं देतीं तो समाज चुनावी फैसला खुद लेगा। यह बात सहनी ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के संदर्भ में कही। अभियान का पूरा फोकस इसी एक मुद्दे पर है।

50 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य समाज की संख्या और संगठन क्षमता को दर्शाता है। अब तक जुड़े 4 से 5 लाख लोग अभियान की मौजूदा रफ्तार बताते हैं। 30 नवंबर की समयसीमा के बाद आगे की दिशा तय होगी।

यूपी की राजनीति में यह अभियान नए समीकरण बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। प्रतापगढ़ जैसे कार्यक्रम इसके प्रचार का माध्यम बन रहे हैं। पाठकों के लिए यह जानना जरूरी है कि आरक्षण की यह मांग किस तरह चुनावी तैयारी से जुड़ रही है।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *