Name Plate Controvercy: पिछले साल की तरह उत्तर प्रदेश में इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा शुरू से पहले नेम प्लेट विवाद सामने आ गया है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानदारों की नेम प्लेट लगाने के आदेश को लेकर अब विपक्ष हमलावर हो गया है। समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने इस फैसले पर नाराज़गी जताई है। इसी कड़ी में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस आदेश को लेकर योगी सरकार को घेरा है।
इमरान मसूद ने कहा, “यह देश मोहब्बत का देश है, नफरत का नहीं। मुसलमान भी कांवड़ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं लेकिन इन्हें इससे परेशानी होती है।” उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ताकतें साझा संस्कृति और साझा विरासत को खत्म करना चाहती हैं।
“यह लोग साझा संस्कृति, साझा विरासत को नष्ट करना चाहते हैं। जो लोग भक्ति में सराबोर आते हैं, उनकी सेवा में सभी लोग लगे रहते हैं। वो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से भी होकर गुजरते हैं। मुसलमान भी उनकी सेवा करने का काम करते हैं। इनको इससे भी परेशानी होती है,” उन्होंने आगे कहा।
नेम प्लेट विवाद को लेकर इमरान मसूद ने कहा, ” पिछली बार भी इन्होंने कोशिश की थी लेकिन, पिछली बार भी लोगों ने उनकी कोशिशों को फेल कर दिया था, इस बार फेल कर देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों को बेवजह बड़ा बनाकर माहौल को तनावपूर्ण न बनाया जाए। मसूद के मुताबिक वे खुद भी कांवड़ शिविरों में सेवा कार्य करते रहे हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान खाने-पीने की दुकानों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत दुकानों पर मालिक का नाम और संपर्क नंबर साफ तौर पर लिखने को कहा गया था। इस बार भी यात्रा से पहले वही आदेश दोहराया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 11 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाली सभी दुकानों पर विक्रेताओं को अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा।
सरकारी आदेश जारी होने के बाद से सपा और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध जता रही हैं और इसे धार्मिक भेदभाव का मामला बता रही हैं।
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