https://whatsapp.com/channel/0029VajZKpiKWEKiaaMk4U3l
Eastern StatesNationalNorthern StatesPoliticsStateTrending
Trending

Jharkhand News: भाषा विवाद, निशिकांत दुबे बोले- अंग्रेजी मेरी मजबूरी नहीं, हिंदी पर गर्व

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में अंग्रेजी छोड़ हिंदी, तमिल, बंगाली पर जताया गर्व।

Jharkhand News: झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में भाषा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी उनकी मजबूरी नहीं है और न ही उनकी पहचान। सांसद ने भारतीय भाषाओं जैसे हिंदी, तमिल, बंगाली और मराठी पर गर्व जताया। यह बयान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान दिया, जब उनसे अंग्रेजी में बोलने को कहा गया। निशिकांत ने साफ कहा, “मैं अंग्रेजी नहीं बोलूंगा, मुझे हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं पर गर्व है।”

अंग्रेजी विदेशी भाषा, भारतीय भाषाएं हमारी शान

निशिकांत दुबे ने लोकसभा में जोर देकर कहा कि अंग्रेजी एक विदेशी भाषा है। उन्होंने कहा, “अगर आप तमिल, बंगाली या मराठी बोलने को कहते, तो मुझे खुशी होती। ये हमारी अपनी भाषाएं हैं।” सांसद ने यह भी कहा कि उनकी जुबान देश की मिट्टी से जुड़ी है और वे उसी में बोलना पसंद करते हैं। इस बयान के बाद सदन में तालियां गूंजीं। निशिकांत ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ निशिकांत का बयान

निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा उन्होंने कहा- अंग्रेजी में बोलिए। मैंने कहा- नहीं, मैं हिंदी में बोलूंगा। मुझे हिंदी, तमिल, बंगाली, मराठी और हर भारतीय भाषा पर गर्व है। अंग्रेजी मेरी मजबूरी नहीं, न मेरी पहचान।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनकी बात का समर्थन कर रहे हैं और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की मांग उठा रहे हैं।

भाषा विवाद फिर चर्चा में

निशिकांत दुबे का यह बयान एक बार फिर भाषा विवाद को सुर्खियों में लाया है। देश में समय-समय पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की बात उठती रही है। सांसद का यह बयान उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपनी मातृभाषा को महत्व देते हैं। इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या संसद में भारतीय भाषाओं को और अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर लोगों ने निशिकांत दुबे के बयान की तारीफ की है। कई यूजर्स ने लिखा कि भारतीय भाषाओं को सम्मान देना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। यह बयान न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!