Shimla: हिमाचल प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों और अन्य सरकारी संस्थानों में लंबे समय से चल रही कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति व्यवस्था को समाप्त करने के निर्देश जारी किए हैं। यह कदम हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में उठाया गया है। कार्मिक विभाग के निर्देशों के अनुसार दूसरे कार्यालय, विभाग, संस्थान या इकाई में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को उनके मूल पद और मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाएगा।
करीब 2,500 कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों में करीब 2,500 कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं। कार्मिक विभाग की चिट्ठी जारी होने के बाद शिक्षा विभाग ने भी करीब 500 कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें प्रवक्ता, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी, जेबीटी और मिनिस्ट्रियल स्टाफ सहित विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं।
प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद संबंधित कर्मचारियों को नियमों के अनुसार उनके मूल विभाग और तैनाती स्थल पर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।
वेतन जारी करने के नियम भी हुए सख्त
सरकार ने प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के साथ ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया में भी सख्ती की है। आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) को वेतन बिल के साथ यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित कर्मचारी ने उस महीने वास्तव में उसी स्टेशन और पद पर काम किया है, जहां उसकी मूल तैनाती दर्ज है।
इसका मतलब है कि केवल सर्विस रिकॉर्ड या कागजी तैनाती के आधार पर वेतन आहरित नहीं किया जा सकेगा। कर्मचारी की वास्तविक उपस्थिति और कार्यस्थल का सत्यापन जरूरी होगा।
यदि वास्तविक तैनाती और रिकॉर्ड में अंतर होने के बावजूद वेतन जारी किया जाता है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। निर्देशों की अनदेखी होने पर DDO, नियंत्रक अधिकारी तथा संबंधित ट्रेजरी या सब-ट्रेजरी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।

मूल विभाग में लौटेंगे कर्मचारी
प्रतिनियुक्तियां समाप्त होने के बाद सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती का समीकरण बदल सकता है। लंबे समय से मूल विभाग में खाली पड़े पदों पर कर्मचारियों की वापसी हो सकती है। वहीं, जिन विभागों या संस्थानों में ये कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे थे, वहां कर्मचारियों की कमी पैदा होने की संभावना है।
इससे विभागों को अपने यहां उपलब्ध कर्मचारियों और वास्तविक जरूरत का दोबारा आकलन करना पड़ सकता है।
सिंगल टीचर स्कूलों के लिए अस्थायी व्यवस्था जारी रहेगी
सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्टॉप-गैप व्यवस्था की अनुमति दी है। कॉम्प्लेक्स स्कूलों के प्रधानाचार्य शिक्षक-विहीन या सिंगल टीचर स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार दैनिक या साप्ताहिक आधार पर शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था कर सकेंगे।
इसके अलावा चुनाव और जनगणना ड्यूटी में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन आदेशों के दायरे से बाहर रखा गया है।

