Famous Temples in Jharkhand: झारखंड अपनी पहाड़ियों, झरनों और हरियाली के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां के प्राचीन मंदिर भी राज्य की बड़ी पहचान हैं। अगर आप झारखंड घूमने की योजना बना रहे हैं, तो रजरप्पा, बंशीधर, सूर्य, जगन्नाथ और देउड़ी जैसे मंदिर आपकी सूची में होने चाहिए। इन स्थलों पर दर्शन के साथ इतिहास, वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव भी मिलता है।
रामगढ़ से लेकर गढ़वा और रांची तक फैले ये मंदिर अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं की झलक देते हैं। कहीं तांत्रिक परंपरा की देवी विराजमान हैं, तो कहीं भगवान सूर्य का रथ रूपी मंदिर है। आगे इन पांचों धार्मिक स्थलों की खासियत जानिए।
रजरप्पा मंदिर (छिन्नमस्तिका मंदिर), रामगढ़

रामगढ़ जिले में स्थित रजरप्पा मंदिर को मां छिन्नमस्तिका मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मंदिर दामोदर और भैरवी (भेड़ा) नदियों के संगम के पास स्थित है।
पहाड़ियों और हरियाली से घिरा यह स्थान आस्था के साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी मशहूर है। यहां देवी छिन्नमस्तिका का अनोखा स्वरूप विराजमान है। मंदिर की तांत्रिक परंपरा और धार्मिक मान्यताएं इसे दूसरे शक्तिस्थलों से अलग पहचान देती हैं। आसपास नदियों, चट्टानों और प्राकृतिक दृश्यों का नजारा श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी खींचता है, जो घूमने और फोटोग्राफी के लिए यहां पहुंचते हैं।
बंशीधर मंदिर, नगर उंटारी, गढ़वा
इतिहास, कला और धार्मिक विरासत में रुचि रखने वालों के लिए गढ़वा जिले के नगर उंटारी का बंशीधर मंदिर खास ठिकाना है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधा को समर्पित है और अपनी भव्य प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है।
मंदिर में स्थापित श्रीकृष्ण की प्रतिमा में उन्हें कमल के फूल पर त्रिभंगी मुद्रा में बांसुरी बजाते दिखाया गया है। मान्यताओं और प्रतिमा की भव्यता के कारण श्रद्धालुओं के बीच इसका विशेष महत्व है। यहां का वातावरण भक्तिमय होने के साथ बेहद शांत भी है।
सूर्य मंदिर, बुंडू, रांची

रांची-जमशेदपुर मार्ग पर बुंडू के पास स्थित सूर्य मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए जाना जाता है। मंदिर को भगवान सूर्य के विशाल रथ के रूप में बनाया गया है, जिसे सात घोड़े खींचते दिखाई देते हैं।
मंदिर की संरचना में 18 पहियों वाला रथ इसकी सबसे बड़ी खासियतों में शामिल है। परिसर के आसपास हरियाली और जलाशय इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं। सुबह और शाम की रोशनी में मंदिर का दृश्य खास तौर पर आकर्षक लगता है। धार्मिक आस्था के साथ वास्तुकला और प्राकृतिक वातावरण देखने के लिए यह अच्छी जगह है।
जगन्नाथ मंदिर, धुर्वा, रांची

रांची के धुर्वा इलाके में पहाड़ी की चोटी पर बना जगन्नाथ मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। माना जाता है कि यह ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की स्थापत्य शैली से प्रेरित है।
मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में नागवंशी शासक ठाकुर एनी नाथ शाहदेव ने कराया था। ऊंचाई पर होने के कारण यहां से रांची शहर और आसपास के क्षेत्र का सुंदर नजारा दिखता है। हर साल यहां पारंपरिक तरीके से भव्य रथ यात्रा निकलती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
देउड़ी मंदिर, तमाड़, रांची

रांची-जमशेदपुर मुख्य मार्ग पर स्थित देउड़ी मंदिर झारखंड के प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां मां दुर्गा की 16 भुजाओं वाली प्रतिमा स्थापित है, जो इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक मानी जाती है।
मंदिर झारखंड की सांस्कृतिक विविधता की भी मिसाल है। यहां आदिवासी पाहन और ब्राह्मण पुजारी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। आदिवासी और हिंदू परंपराओं का यह मेल इसे खास बनाता है। भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी भी यहां दर्शन के लिए आते रहे हैं, जिससे मंदिर की लोकप्रियता और बढ़ी है।
यात्रा की योजना बनाते समय क्या रखें ध्यान
ये पांचों मंदिर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हैं। रजरप्पा रामगढ़ में, बंशीधर गढ़वा के नगर उंटारी में और बाकी तीन मंदिर रांची क्षेत्र में स्थित हैं। बुंडू का सूर्य मंदिर और तमाड़ का देउड़ी मंदिर रांची-जमशेदपुर मार्ग पर हैं, इसलिए एक ही यात्रा में इन्हें जोड़ना आसान हो सकता है।
यात्रा से पहले मंदिरों के दर्शन समय और आने-जाने के साधनों की जानकारी स्थानीय स्तर पर जरूर जुटा लेनी चाहिए। इससे सफर सुगम रहेगा और दर्शन के साथ आसपास की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी पूरा मिलेगा।
झारखंड के रजरप्पा, बंशीधर, सूर्य, जगन्नाथ और देउड़ी मंदिर आस्था के साथ इतिहास, वास्तुकला और प्रकृति का अनुभव कराते हैं। रामगढ़ का रजरप्पा मंदिर नदियों के संगम के पास तांत्रिक परंपरा के लिए जाना जाता है, जबकि नगर उंटारी का बंशीधर मंदिर श्रीकृष्ण की भव्य प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। बुंडू का सूर्य मंदिर रथ के आकार में बना है, धुर्वा का जगन्नाथ मंदिर 17वीं सदी में बना और हर साल रथ यात्रा का गवाह बनता है। तमाड़ का देउड़ी मंदिर आदिवासी और हिंदू परंपराओं के संगम के लिए जाना जाता है। झारखंड यात्रा में ये पांचों स्थल देखने लायक हैं।
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Sanjana Gupta
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