West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल कांग्रेस में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गहरा विवाद सामने आ गया है। प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रमुख श्राबंती सिंह ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार पर महिलाओं को परेशान करने, धमकाने और अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाया है। श्राबंती ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में शुभंकर सरकार पर लगातार धमकी देने, अपशब्द कहने, अश्लील टिप्पणियां करने और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले को पार्टी के भीतर की साजिश करार देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
श्राबंती सिंह ने लिखा पत्र
श्राबंती सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें पश्चिम बंगाल प्रदेश महिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। उनकी नियुक्ति में कुछ देरी हुई, लेकिन नियुक्ति के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने महिला कांग्रेस को मजबूत करने के प्रयासों में बाधा डाली। लगातार अपशब्दों का प्रयोग किया और पार्टी सदस्यों के सामने उन्हें असहज स्थिति में डाल दिया। श्राबंती ने आरोप लगाया कि सरकार महिला कांग्रेस की समिति और गतिविधियों से नाराज हैं। वे पदाधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं और पार्टी की गतिविधियों में शामिल होने वाली महिलाओं को निष्कासित करने की धमकी दे रहे हैं।
पत्र में श्राबंती ने लिखा कि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाएं प्रतिशोध के डर से समिति में शामिल होने से हिचकिचा रही हैं। सरकार ने इन महिलाओं को धमकाना शुरू कर दिया है। उन्होंने खुद को भी धमकियां मिलने का दावा किया है। श्राबंती ने एक घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि 7 फरवरी 2026 को महिला कांग्रेस परिषद मुख्यालय में हुई झड़प के दौरान शुभंकर सरकार ने 12 महिला कांग्रेस पदाधिकारियों के सामने उनकी समिति को भंग करने की धमकी दी। उन्होंने उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को बेहद अपमानजनक लहजे में धमकी दी।
श्राबंती ने कहा कि एक महिला होने के नाते उनका कर्तव्य है कि हाशिए पर पड़ी महिलाओं को न्याय दिलाया जाए। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अपमान और उन पर लगे झूठे आरोपों के बाद उन्होंने यह शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पार्टी के हित और कांग्रेस संगठन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए अब तक इस मामले को सार्वजनिक नहीं किया था। न ही सरकार के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन अब इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच हो और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए।
शुभंकर सरकार का जवाब “छवि खराब करने की साजिश”

इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले के बाद उनकी छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। शुभंकर ने कहा कि जब पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया तो उन्हें इस बात का अंदाजा था कि उनकी छवि खराब करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाएंगे। पहले ये आरोप दूसरी पार्टियों से आते थे लेकिन अब ये मेरी ही पार्टी के भीतर से शुरू हो गए हैं।
शुभंकर ने कहा कि जो लोग वामपंथी दलों के साथ गठबंधन के पक्षधर हैं वे अब उनकी छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से ऐसा करके वे पार्टी की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। शुभंकर ने 7 फरवरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन जो कुछ भी हुआ वह सार्वजनिक रूप से हुआ। उन्होंने जो कहा वह सभी जानते हैं। मेरे सभी पार्टी सहयोगियों को भी पता है कि मैंने क्या कहा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोपों का सामना करने में कोई समस्या नहीं है।
कांग्रेस में गठबंधन पर मतभेद
यह विवाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस में गठबंधन को लेकर चल रहे मतभेदों का नतीजा माना जा रहा है। पार्टी ने हाल ही में वाम दलों के साथ गठबंधन तोड़कर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। इस फैसले से पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। कुछ नेता अभी भी वाम दलों के साथ गठबंधन चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ नेता अकेले चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं।
श्राबंती सिंह का आरोप इस आंतरिक कलह को और उजागर कर रहा है। पार्टी के भीतर यह बहस चल रही है कि क्या अकेले चुनाव लड़ना सही फैसला है या वाम दलों के साथ गठबंधन बनाकर भाजपा को चुनौती देनी चाहिए। इस विवाद से पार्टी की एकता पर सवाल उठ रहे हैं।
West Bengal Politics: चुनाव से पहले कांग्रेस की चुनौतियां
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी पिछले कई चुनावों में लगातार कमजोर होती गई है। 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महज एक सीट मिली थी। अब पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लेकर मैदान में उतर रही है। लेकिन भीतर चल रहे विवाद और आरोप-प्रत्यारोप से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
रोहिणी आचार्य और श्राबंती सिंह जैसे नेताओं के बयान से साफ है कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। अगर यह विवाद और बढ़ता है तो पार्टी को चुनाव में नुकसान हो सकता है। कांग्रेस को अब इन आरोपों का जवाब देना होगा और पार्टी के भीतर एकता कायम करनी होगी।
पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव अब और रोचक हो गया है। TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला होने की उम्मीद है लेकिन कांग्रेस के भीतर चल रहा यह विवाद चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है।



