Iran Israel US War: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनई की मौत की रविवार को आधिकारिक पुष्टि होते ही पूरे मिडिल-ईस्ट में आग लग गई है। ईरान ने बदले की कार्रवाई शुरू करते हुए मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी सैन्य बेस और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास जोरदार धमाके हुए हैं। ईरानी हमलों के बाद आबूधाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया है और सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अब तक पश्चिम एशिया में अमेरिका के 27 सैन्य ठिकानों पर ईरान ने हमला किया है। IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस की पांचवीं लहर का भी ऐलान कर दिया है।
अमेरिका ने जारी किया ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का वीडियो

अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के 24 घंटे पूरे होने का वीडियो जारी किया है। सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर साहसिक कार्रवाई का आदेश दिया है और अमेरिका के बहादुर सैनिक, नौसैनिक, वायुसैनिक, मरीन, गार्डियन और तटरक्षक बल के जवान इस आह्वान का पूरी ताकत से जवाब दे रहे हैं। अमेरिका ने यह भी दिखाया है कि किस प्रकार उसकी सटीक मिसाइलों ने खामेनई के ठिकानों को निशाना बनाया।
ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी
खामेनई की मौत के बाद ईरान के जवाबी हमलों को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अब ईरान पर ऐसा हमला किया जाएगा जिसे इतिहास में कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ्ते बिना रुके जारी रहेगी जब तक मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया में शांति का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता।
ट्रंप ने IRGC और ईरानी सुरक्षाबलों से अपील की है कि वे लड़ना बंद करें और इम्युनिटी मांगें। उन्होंने कहा कि यह मौका अभी है, बाद में केवल मौत मिलेगी।
IRGC ने शुरू की ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस की पांचवीं लहर
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की पांचवीं लहर की शुरुआत का ऐलान कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत IRGC ने हिंद महासागर में अमेरिकी हथियार ले जा रहे एक एमएसपी जहाज को जेबेल अली बंदरगाह पर चार ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक इस जहाज को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। यह ऑपरेशन ईरान की उस कार्रवाई का हिस्सा है जिसे उसने खामेनई की मौत के बदले में शुरू किया है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका के 27 सैन्य बेस पर हमले
खामेनई की मौत की पुष्टि के बाद से ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के 27 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों में बहरीन, कुवैत और अन्य देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस शामिल हैं। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ तो पूरे मिडिल-ईस्ट में आग लगा दी जाएगी और वह अपनी चेतावनी पर अमल कर रहा है।
इससे पहले शनिवार को बहरीन के अमेरिकी एयरबेस पर ईरान ने कई बड़े हमले किए थे। बहरीन में रविवार को क्राउन प्लाजा फाइव स्टार होटल पर भी ईरानी हमला हुआ। अमेरिका के 5वें बेड़े को नुकसान पहुंचाने की खबरें भी आई हैं।
दुबई एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास धमाके
ईरान ने रविवार को एक बार फिर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और विश्व प्रसिद्ध बुर्ज खलीफा के निकट बड़े हवाई हमले किए। दुबई एयरपोर्ट के पास काले धुएं के गुबार उठते देखे गए। हमले के बाद आई तस्वीरों और वीडियो में दुबई एयरपोर्ट को हुए नुकसान की झलक देखी जा सकती है। आबूधाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ईरानी हमले के बाद सोमवार तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने सोमवार तक की सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
ईरानी संसद अध्यक्ष का बड़ा बयान
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हर तरह की स्थिति के लिए तैयारी कर ली है और खामेनई की मौत के बाद की परिस्थितियों के लिए भी पूरी योजना बना ली गई है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व परिषद के गठन के साथ ही जनता और अधिकारियों के बीच सत्ता का स्वरूप स्पष्ट हो जाएगा। यह बयान यह दर्शाता है कि ईरान अंदर से भले ही हिला हुआ हो लेकिन वह सत्ता के संक्रमण को व्यवस्थित तरीके से करने की कोशिश में है।
ईरान और बगदाद में शोक की लहर
खामेनई की मौत की घोषणा के बाद ईरान के विभिन्न शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इमाम रजा की मजार पर लोग रोते-बिलखते देखे गए। ईरान से लेकर बगदाद तक लोग शोक में डूबे हैं। ईरान सरकार ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक और 7 दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। ईरान ने खामेनई की मौत को एक बड़ा जुर्म बताते हुए कहा है कि इसे बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा।
Iran Israel US War: आबूधाबी में पाकिस्तानी नागरिक की मौत
ईरान के हमलों में आबूधाबी में एक पाकिस्तानी नागरिक की भी मौत हो गई है। मध्य-पूर्व में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों समेत विभिन्न देशों के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व में सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह जारी की है।
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