Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की घंटी बजने वाली है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम लगभग पूरा कर लिया है, जिसके बाद अब अगले सप्ताह किसी भी दिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य संपन्न
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने 116 दिनों की लंबी प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम लगभग पूरा कर लिया है। इस गहन प्रक्रिया के दौरान लगभग 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.04 करोड़ रह गई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी और 28 फरवरी 2026 तक पूरी हुई। इस दौरान आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं के नाम सत्यापित किए और अपात्र या दोहरे नामों को हटाया।
चुनावों का ऐलान अगले सप्ताह संभव

राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर (Special Intensive Revision) के लंबित मामलों के निपटारे के बाद चुनाव आयोग चुनावों की तिथियों का ऐलान कर सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह 9 मार्च के बाद कभी भी चुनावों का ऐलान हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए न्यायिक अधिकारियों द्वारा एसआईआर के लंबित मामलों का निपटारा होने के बाद ही अंतिम तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
पांच राज्यों में एक साथ चुनाव
पश्चिम बंगाल के साथ ही असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होंगे। इन सभी राज्यों में फिलहाल अलग-अलग पार्टियां सत्ता में हैं।
वर्तमान सत्ता की स्थिति
| राज्य | मुख्यमंत्री | पार्टी |
| पश्चिम बंगाल | ममता बनर्जी | टीएमसी |
| तमिलनाडु | एम के स्टालिन | डीएमके |
| असम | हिमंता बिस्वा सरमा | बीजेपी |
| केरल | पिनाराई विजयन | एलडीएफ |
| पुडुचेरी | एन रामास्वामी | एआईएनआरसी |
2021 के चुनावों से तुलना
2021 के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने 26 फरवरी को पांच राज्यों के लिए चुनाव की तिथियों का ऐलान किया था। उस समय पश्चिम बंगाल में चुनाव आठ चरणों में कराए गए थे। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा द्वारा शेड्यूल जारी किया गया था।
पांच राज्यों में दो राज्यों पर एनडीए का कब्जा था। इनमें असम में बीजेपी की सरकार थी जब कि पुडुचेरी में एनडीए सरकार थी। ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस के नेता एन रंगास्वामी केंद्र शासित राज्य के मुख्यमंत्री थे।
2021 का मतदान कार्यक्रम
2021 में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च को राई थी। आखिरी चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को हुई थी। असम में असम में 27 मार्च, 1 और 6 अप्रैल को वोट डाले गए थे।
तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में तब 6 अप्रैल को वोट डाले गए थे। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव तब कोरोना काल के खत्म होते ही हुए थे। उस समय आयोग ने वोटिंग के लिए एक घंटे अतिरिक्त दिया था।
2026 के चुनावों की संभावनाएं
इस बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण काम के लंबित होने के कारण चुनावों के ऐलान में देरी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि अगले हफ्ते में 9 मार्च के बाद कभी भी चुनावों का ऐलान हो सकता है।
जब तक सभी चुनाव पूर्व तैयारियां पूरी होने की उम्मीद की जा रही है। आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान हो सकता है, जैसा कि 2021 में हुआ था।
राजनीतिक चर्चाएं तेज
चुनावों के ऐलान की संभावनाओं के साथ ही सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी, बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट के बीच मुख्य मुकाबला होने की उम्मीद है।
तमिलनाडु में एआईएडीएमके और डीएमके के बीच सीधा मुकाबला होगा, जबकि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। असम में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला होने की संभावना है।
आयोग की तैयारी पूरी
चुनाव आयोग ने सभी चुनाव पूर्व तैयारियों को लगभग पूरा कर लिया है। आयोग ने सेंट्रल फोर्स की 480 कंपनियों की तैनाती के लिए तैयारी कर ली है, जिसमें से आधी फोर्स पहले ही पहुंच चुकी है।
आयोग ने जिलावार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की योजना बनाई है।
जनता की अपेक्षाएं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चुनाव 2021 के मुकाबले और भी रोचक होंगे। जनता के मन में रोजगार, विकास और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर काफी उम्मीदें हैं।
युवा वर्ग और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या इस बार काफी अधिक होने की संभावना है, जो चुनावों के परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
Bengal Election 2026: अंतिम चरण की तैयारी
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अंतिम चरण की तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करें। आयोग ने राजनीतिक पार्टियों से भी आचार संहिता के पालन का आग्रह किया है।
संभावना है कि अगले सप्ताह चुनाव आयोग पांचों राज्यों के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर देगा, जिसके बाद पूरे देश की राजनीतिक तस्वीर साफ हो जाएगी।
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