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Jharkhand News Updates: साहिबगंज BJP अध्यक्ष गौतम यादव पर संगीन आरोप: पति ने लगाया अवैध संबंध और जान से मारने की धमकी का इल्जाम

Jharkhand News Updates: झारखंड के साहिबगंज जिले से एक विवादास्पद और संवेदनशील मामला सामने आया है जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। BJP के साहिबगंज जिलाध्यक्ष गौतम यादव पर एक महिला के पति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाने वाले शख्स का नाम मोहसिन मियां है जो जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के साक्षरता मोड़ इलाके के रहने वाले हैं।

मोहसिन मियां ने थाने में एक लिखित आवेदन देकर BJP जिलाध्यक्ष गौतम यादव पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने न सिर्फ अनुचित संबंधों का आरोप लगाया है बल्कि यह भी कहा है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और हथियार दिखाकर डराया गया।

इस मामले ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ मोहसिन मियां अपनी बात पर अडिग हैं तो दूसरी तरफ गौतम यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।

मोहसिन मियां ने क्या-क्या आरोप लगाए?

मोहसिन मियां के मुताबिक BJP नेता गौतम यादव का उनके घर पर वर्षों से आना-जाना था। इसी दौरान धीरे-धीरे गौतम यादव की उनकी पत्नी से नजदीकियाँ बढ़ती गईं। मोहसिन का कहना है कि उन्हें लंबे समय से इस बात का शक था लेकिन उनके पास कोई पक्का सबूत नहीं था।

होली के दिन यानी 4 मार्च को मोहसिन को अपनी आँखों से सब कुछ देखने का मौका मिला। उन्होंने अपने मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही गौतम यादव और उनकी पत्नी को इसकी भनक लगी, दोनों ने मिलकर मोहसिन का मोबाइल तोड़ दिया। साथ ही कहा गया कि अगर किसी को इस बात की जानकारी दी तो उन्हें गोली मार दी जाएगी।

मोहसिन ने बताया कि उसके बाद उनकी पत्नी और गौतम यादव ने मिलकर उन्हें घर से निकाल दिया। वे कई दिनों से इधर-उधर रह रहे हैं और उनका अपने ही घर में जाना मुश्किल हो गया है।

9 मार्च की घटना, हथियार दिखाकर दी धमकी

मोहसिन मियां ने बताया कि घर से निकाले जाने के बाद 9 मार्च को वे एक बार फिर अपने घर पहुँचे। लेकिन उनकी पत्नी ने गौतम यादव को बुला लिया। इसके बाद जो हुआ वह और भी ज्यादा डरावना था।

मोहसिन के मुताबिक गौतम यादव ने अपनी कमर से एक देसी कट्टा निकाला और उनके सिर पर तान दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर दोबारा घर आने की कोशिश की तो गोली मार दी जाएगी। इस धमकी से डरकर मोहसिन जान बचाकर वहाँ से भाग गए।

इसके बाद मोहसिन ने थाने में जाकर पूरी बात बताई और लिखित आवेदन दिया। उन्होंने पुलिस से अपनी जान की सुरक्षा और न्याय की माँग की है।

गौतम यादव ने किया इनकार, बताया राजनीतिक साजिश

इन सभी आरोपों पर BJP जिलाध्यक्ष गौतम यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। गौतम यादव का कहना है कि यह एक राजनीतिक साजिश है जो उन्हें बदनाम करने के लिए रची गई है।

उन्होंने यह भी दावा किया है कि मोहसिन मियां ने उनसे कर्ज लिया हुआ है और उस कर्ज को चुकाने से बचने के लिए इस तरह के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। गौतम यादव का कहना है कि वे कानूनी रूप से इस मामले का सामना करेंगे और सच्चाई जल्द सामने आएगी।

पुलिस की भूमिका, जाँच जारी है

इस पूरे मामले में पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद जाँच शुरू कर दी है। जिरवाबाड़ी थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और दोनों पक्षों से पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँची है लेकिन आवेदन में लगाए गए आरोपों की गहराई से जाँच हो रही है। हथियार दिखाकर धमकी देने के आरोप को भी पुलिस गंभीरता से ले रही है।

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक सत्तारूढ़ दल के जिला स्तर के बड़े नेता का नाम शामिल है। ऐसे में पुलिस पर निष्पक्ष जाँच करने का दबाव है।

BJP के लिए शर्मिंदगी का मामला?

यह मामला झारखंड BJP के लिए भी एक असहज स्थिति पैदा कर रहा है। खासकर उस वक्त जब राज्य में JMM के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ BJP आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभा रही है और सरकार पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर निशाना साध रही है।

ऐसे में अपने ही जिलाध्यक्ष पर इस तरह के आरोप BJP के लिए एक मुश्किल स्थिति बना सकते हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

विपक्षी दलों ने इस मामले को उठाते हुए BJP पर निशाना साधा है और जाँच की माँग की है। उनका कहना है कि जो पार्टी दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाती है, उसके अपने नेताओं का यह आचरण सवाल खड़े करता है।

मोहसिन मियां की माँग, न्याय और सुरक्षा

मोहसिन मियां का कहना है कि उन्हें अपनी जान का खतरा है। जिस तरह से उन्हें घर से निकाला गया और हथियार दिखाकर धमकी दी गई, उससे वे बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने पुलिस से माँग की है कि उनकी जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इस मामले में निष्पक्ष जाँच हो।

मोहसिन का कहना है कि वे सिर्फ न्याय चाहते हैं। उनके साथ जो हुआ वह गलत था और इसके लिए दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे उच्च अधिकारियों के पास जाएंगे।

सच्चाई क्या है, जाँच पर टिकी सबकी नजरें

इस पूरे मामले में दो पक्ष हैं और दोनों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल उलट हैं। एक तरफ मोहसिन मियां के गंभीर आरोप हैं जिनमें धमकी और हथियार दिखाने जैसी संगीन बातें शामिल हैं। दूसरी तरफ गौतम यादव का इनकार है और उनका दावा है कि यह सब कर्ज से बचने का बहाना है।

इस मामले की सच्चाई सिर्फ जाँच से ही सामने आ सकती है। पुलिस को निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के जाँच करनी होगी। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। और अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो उसे भी स्पष्ट रूप से सामने लाना जरूरी है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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