Muzaffarpur News: लग्न शुरू होते ही शहर में शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन कमर्शियल गैस सिलिंडर की संख्या सिर्फ पांच तक सीमित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एसडीओ कार्यालय से अनुमति मिलने के बावजूद गैस एजेंसियां फिर से कागजात मांग रही हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया जटिल हो गई है। बड़े फंक्शन में भोजन बनाने के लिए गैस की कमी से अब मेहमानों तक को दिक्कत हो सकती है। उपभोक्ता प्रशासन से नियमों में ढील और आसान प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
शादी सीजन में गैस सिलिंडर की कमी से बढ़ रही चिंता
मुजफ्फरपुर में इन दिनों शादी, गृहप्रवेश, यज्ञ और अन्य आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया है। हर साल इस मौसम में लोग महीनों पहले से प्लानिंग करते हैं। लेकिन इस बार कमर्शियल गैस सिलिंडर की पाबंदी ने सबकी तैयारी बिगाड़ दी है। एसडीओ कार्यालय में रोजाना दर्जनों आवेदन आ रहे हैं। लोग सुबह से शाम तक दौड़-भाग कर रहे हैं, फिर भी उन्हें सिर्फ पांच सिलिंडर ही मिल पा रहे हैं।
एक सामान्य शादी में भी 10-12 सिलिंडर की जरूरत पड़ती है। बड़े आयोजन में तो यह संख्या और बढ़ जाती है। कैटरर्स कहते हैं कि 3000 मेहमानों वाले फंक्शन में कम से कम 15-16 सिलिंडर चाहिए। इतनी कम गैस में खाना कैसे बनेगा, इसकी चिंता हर किसी को सता रही है। लोग कह रहे हैं कि गैस की कमी से भोजन बनाना मुश्किल हो जाएगा और मेहमानों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। कई परिवारों ने तो शादी की तारीख तक टालने की सोचनी शुरू कर दी है।
एसडीओ कार्यालय में आवेदनों का बोझ, लेकिन अनुमति सीमित
एसडीओ कार्यालय इस समय सबसे व्यस्त जगह बन गया है। यहां रोज सुबह से लंबी लाइन लग रही है। लोग आवेदन फॉर्म भरते हैं, जरूरी दस्तावेज जमा करते हैं और इंतजार करते हैं। नियम के मुताबिक 100 किलो से ज्यादा गैस एक बार में नहीं दी जा सकती। इससे ज्यादा से ज्यादा पांच सिलिंडर ही मिल पाते हैं।
एक बैंक कर्मचारी ने बताया कि उनके बेटे की शादी में 3000 से ज्यादा मेहमान आने वाले हैं। उन्होंने एसडीओ से अनुमति मांगी, लेकिन सिर्फ पांच सिलिंडर ही मिले। उन्होंने कहा, “हमने सोचा था कि अनुमति मिल जाएगी तो काम आसान हो जाएगा। लेकिन अब पता चल रहा है कि इतनी कम गैस में पूरा आयोजन कैसे चलेगा।”
कई लोग सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक इंतजार करते हैं। अगर फाइल एसडीओ के टेबल पर समय पर नहीं पहुंची तो अगले दिन फिर से आना पड़ता है। इस वजह से कई आवेदन गुरुवार को भी अटक गए। लोग थकान और गुस्से से भरे नजर आ रहे हैं।
गैस एजेंसियों की दोहरी जांच से उपभोक्ता परेशान
एसडीओ कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद भी समस्या खत्म नहीं होती। गैस कंपनियों ने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शादी का कार्ड और आधार कार्ड जरूर जमा करवाएं। जबकि एसडीओ कार्यालय में ये सारे कागजात पहले ही जमा हो चुके होते हैं और तभी आदेश जारी होता है।
फिर भी एजेंसियां दोबारा वही दस्तावेज मांग रही हैं। लोगों को फिर से घर-घर दौड़ना पड़ रहा है। एक उपभोक्ता ने कहा, “पहले एसडीओ ऑफिस में दिन भर लगाया, अब एजेंसी में फिर से वही कागजात। यह क्या मजाक है?”
इस दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसे दोनों का नुकसान हो रहा है। कई लोगों ने गैस एजेंसी के कर्मचारियों से तीखी बहस भी की। कर्मचारी कह रहे हैं कि कंपनी के नियम हैं, वे तो बस निर्देश मान रहे हैं। लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि यह नियम बेतुका है और सिर्फ परेशानी बढ़ा रहा है।
बड़े आयोजनों पर असर, प्रशासन से मांग तेज
शहर के बड़े फंक्शन हॉल और कैटरिंग वाले इस समस्या से सबसे ज्यादा परेशान हैं। वे कहते हैं कि अगर गैस कम पड़ी तो खाना अधूरा रह जाएगा या फिर बाहर से महंगे इंतजाम करने पड़ेंगे। इससे आयोजन का पूरा बजट बिगड़ सकता है।
कई उपभोक्ता अब प्रशासन से सीधे अपील कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि नियमों में थोड़ी ढील दी जाए। कम से कम बड़े आयोजनों के लिए 10-12 सिलिंडर की अनुमति मिलनी चाहिए। साथ ही प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि बार-बार कागजात न मांगने पड़ें।
लोगों का कहना है कि शादी-फंक्शन जैसे मौकों पर थोड़ी राहत जरूरी है। गैस की कमी से न सिर्फ आयोजन प्रभावित हो रहे हैं बल्कि मेहमानों की खुशी भी खराब हो सकती है। कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी शिकायत पोस्ट की है और प्रशासन से जल्दी समाधान की उम्मीद जताई है।
मुजफ्फरपुर जैसे शहर में जहां हर महीने सैकड़ों शादियां होती हैं, वहां इस तरह की पाबंदी से आम आदमी की मुश्किल बढ़ गई है। लोग कहते हैं कि सरकार को इस मामले पर गौर करना चाहिए। अगर नियमों में बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
इस बीच एसडीओ कार्यालय के अधिकारियों ने कहा है कि वे नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। लेकिन उपभोक्ताओं की मांग को उन्होंने ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
अभी स्थिति यह है कि शादी का मौसम शुरू होते ही गैस सिलिंडर की पाबंदी ने पूरे शहर में चर्चा का विषय बना लिया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही प्रशासन कोई राह निकालेगा ताकि बड़े आयोजन बिना किसी दिक्कत के संपन्न हो सकें।
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