LPG & Petrol Price News: देश के आम आदमी के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण अब घरेलू बाजार में भी ईंधन के दाम बढ़ने की पूरी संभावना दिख रही है। केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर और घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब आज ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब 993 रुपये का बड़ा इजाफा किया गया है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह पहली बड़ी वृद्धि होगी।
LPG & Petrol Price News: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाया सरकार का सिरदर्द
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दामों में आई तेजी है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता का माहौल है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो मार्च 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की इन आसमान छूती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, और इसका सीधा बोझ अब देश के खजाने यानी राजकोषीय घाटे पर पड़ रहा है। सरकार के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि तेल कंपनियों की आर्थिक स्थिति को संतुलित करने के लिए कीमतों में इजाफा करना अब अनिवार्य होता जा रहा है।
LPG & Petrol Price News: चार साल बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होगा बदलाव
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले काफी समय से स्थिर बनी हुई थीं। साल 2022 के बाद से सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की थी। हालांकि, अब हालात बदल चुके हैं। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है, तो यह चार साल में पहली बार होगा जब देशवासियों को ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, सरकार इस बात का भी ध्यान रख रही है कि आम जनता पर महंगाई का बोझ कम से कम पड़े। यही वजह है कि सरकार फिलहाल पश्चिम एशिया के हालातों पर नजर बनाए हुए है और आगामी 5 से 7 दिनों के भीतर इस पर कोई अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
रसोई गैस सिलेंडर पर भी मंडरा रहे हैं महंगाई के बादल

महंगाई का यह जोर केवल पेट्रोल पंप तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसका असर आपकी रसोई तक भी पहुंचने वाला है। सूत्रों के अनुसार, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 40 से 50 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की तैयारी की जा रही है। आखिरी बार रसोई गैस के दाम 7 मार्च 2026 को बढ़ाए गए थे। वर्तमान में दिल्ली में रसोई गैस का सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 939 रुपये तक है। अगर प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है, तो रसोई गैस का बजट एक बार फिर बिगड़ जाएगा, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के मौजूदा दाम
कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से पहले आइए एक नजर डालते हैं कि वर्तमान में आपके शहर में पेट्रोल और डीजल किस भाव पर बिक रहा है। राजधानी दिल्ली में अभी पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये और चेन्नई में 100.84 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में पेट्रोल की कीमत 95 रुपये के आसपास बनी हुई है। यदि 5 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल एक बार फिर 100 रुपये के पार पहुंच जाएगा।
सरकार के पास क्या हैं अन्य विकल्प
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार विभिन्न विकल्पों पर मंथन कर रही है। अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर आंतरिक चर्चा जारी है कि क्या कीमतों में होने वाली इस वृद्धि का कुछ हिस्सा सरकार खुद वहन करे या फिर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में थोड़ी कटौती करके जनता को राहत दी जाए। लेकिन राजकोषीय घाटे और तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे को देखते हुए ड्यूटी में कटौती की गुंजाइश कम ही नजर आ रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि महंगाई का असर अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों जैसे ट्रांसपोर्टेशन और माल ढुलाई पर कम से कम पड़े, ताकि आवश्यक वस्तुओं के दाम न बढ़ें।
LPG & Petrol Price News: कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल
आज यानी 1 मई 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की जो बढ़ोतरी हुई है, उसने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की नींद उड़ा दी है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इस तरह के भारी बदलाव का असर बाहर के खाने-पीने की चीजों पर पड़ना तय है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस के बाद अब घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाना सरकार की आर्थिक मजबूरी बनती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस तरह से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है, उसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के सामने ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
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