Odisha News: कोटिया विवाद पर ओडिशा में गरमाई सियासत, नवीन पटनायक की CM माझी को दो टूक
By Netsha Singh | News Media Kiran
प्रकाशित: · 4 मिनट में पढ़ें
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2 घंटे पहले
Odisha News
Odisha News: कोरापुट जिले के विवादित कोटिया क्षेत्र में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ने के बीच नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा है।
उन्होंने कोटिया विवाद को केंद्र सरकार के समक्ष तुरंत उठाने और राज्य के क्षेत्रीय अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
नवीन पटनायक ने पत्र में क्या कहा?
नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि कोटिया में मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति और आगामी चुनाव को देखते हुए इस मामले को केंद्र सरकार तथा आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष उच्च स्तर पर उठाया जाना चाहिए। दोनों राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार है। ऐसे में ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए केंद्र को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कोटिया में ओडिशा के क्षेत्रीय अधिकारों और राज्य की अखंडता की रक्षा के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी पर क्या बात कही?
नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना मुख्यमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य के वैध हितों से किसी तरह का समझौता न हो। कोटिया में स्थिति और तनावपूर्ण न बने, इसके लिए जरूरी उपाय किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के अधिकारों की रक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
भाजपा के चुनावी वादे की याद दिलाई
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा को वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किए गए वादे की भी याद दिलाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा नेतृत्व कोटिया के मुद्दे पर ओडिशा की जनता से किए गए अपने वादे को पूरा करेगा। केवल आश्वासन देने के बजाय उसे धरातल पर उतारे। नवीन पटनायक का कहना है कि चुनावी वादा पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कोटिया विवाद क्यों गरमाया?
कोरापुट जिले के कोटिया क्षेत्र को लेकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। हाल में दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ने से स्थिति संवेदनशील हो गई है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी और दावे-प्रतिदावे से विवाद नया रूप ले रहा है। ऐसे में राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी स्थिति साफ कर रहे हैं।
सियासी सरगर्मी और आगे की संभावना
कोटिया विवाद पर नवीन पटनायक के पत्र से ओडिशा की सियासत में हलचल बढ़ गई है। विपक्ष केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर दबाव बनाने की कोशिश में है। दोनों राज्यों में एक ही गठबंधन की सरकार होने के कारण केंद्र के हस्तक्षेप की मांग जोर पकड़ रही है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का जवाब और आगे की कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी। राज्य की अखंडता और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान की जरूरत बताई जा रही है।
ओडिशा में कोटिया विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री से केंद्र स्तर पर मामला उठाने और चुनावी वादे को पूरा करने की मांग की है। दोनों राज्यों के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। आगे सरकार का रुख इस मुद्दे पर निर्णायक साबित होगा।