Top 5 This Week

Related Posts

Petrol Diesel Rate 18 Aug 2026: पेट्रोल-डीजल की कीमतें पूरी तरह स्थिर, कच्चे तेल की बढ़ोतरी का असर नहीं पड़ा; जानें दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख शहरों की ताजा दरें

Petrol Diesel Rate 18 Aug 2026: मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें एक बार फिर पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने सुबह 6 बजे जारी की गई नई रेट लिस्ट में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है, क्योंकि घरेलू स्तर पर ईंधन की दरें यथावत हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता का यह रुझान तब देखने को मिल रहा है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में हलचल मची हुई है। हालांकि, आज की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 90.99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले के कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी आई थी।

Petrol Diesel Rate 18 Aug 2026: कच्चे तेल में उबाल की वजह: ईरान-अमेरिका समझौते का अंत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच जारी विवाद है। 17 जून को दोनों पक्षों ने 14-सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और कूटनीतिक शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था। समझौते में 60 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई थी।

हालांकि, सोमवार को यह समझौता आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस 60 दिनों की समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाएंगे। ट्रंप के इस कड़े रुख और ईरान द्वारा आक्रामक रुख अपनाने की चेतावनी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई। परिणामस्वरूप, ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक 2.4 प्रतिशत से अधिक उछलकर 90.60 डॉलर से 90.87 डॉलर प्रति बैरल के पार बंद हुईं। अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 2.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 84.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

मंगलवार को हालांकि कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन समग्र स्तर पर कच्चा तेल 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। भारतीय बाजार में फिलहाल इसका सीधा असर नहीं दिखा है, क्योंकि घरेलू कीमतें केंद्र सरकार और ओएमसी के नियंत्रण में रहती हैं।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल की ताजा कीमतें

देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
  • कोलकाता में पेट्रोल 113.43 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
  • मुंबई में पेट्रोल की दर 111.12 रुपये प्रति लीटर है।
  • चेन्नई में पेट्रोल 107.75 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
  • हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 115.69 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
  • बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

इन आंकड़ों से साफ है कि अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य स्थानीय करों के कारण कीमतों में अंतर बना हुआ है। हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा है, जबकि दिल्ली में अपेक्षाकृत सस्ता।

डीजल की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं

डीजल की कीमतें भी स्थिर हैं। प्रमुख शहरों में डीजल की ताजा दरें निम्नलिखित हैं:

  • दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
  • कोलकाता में डीजल की कीमत 99.78 रुपये प्रति लीटर है।
  • मुंबई में डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है।
  • चेन्नई में डीजल 99.57 रुपये प्रति लीटर पर है।
  • हैदराबाद में डीजल की दर 103.82 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई।
  • बेंगलुरु में डीजल 98.79 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

डीजल की कीमतें आम तौर पर पेट्रोल से कम होती हैं, लेकिन राज्य-स्तरीय करों के कारण कुछ शहरों में अंतर कम हो गया है। ट्रक चालकों, किसानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह स्थिरता राहत भरी खबर है।

घरेलू बाजार में स्थिरता क्यों?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरों के अलावा कई अन्य कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें उत्पाद शुल्क, वैट, डीलर कमीशन और परिवहन लागत शामिल हैं। सरकार समय-समय पर उत्पाद शुल्क में कटौती या वृद्धि करके कीमतों को नियंत्रित करती है। पिछले कुछ समय से ओएमसी ने कीमतों में बदलाव नहीं किया है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव घरेलू कीमतों पर तुरंत नहीं पड़ता। ओएमसी आमतौर पर कुछ दिनों तक इंतजार करती हैं और फिर जरूरत पड़ने पर समायोजन करती हैं। वर्तमान में ब्रेंट 91 डॉलर के आसपास होने के बावजूद घरेलू दरें स्थिर रखना उपभोक्ताओं के हित में माना जा रहा है।

आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर असर

पेट्रोल और डीजल की स्थिर कीमतें आम आदमी के लिए अच्छी खबर हैं। निजी वाहन मालिकों के लिए मासिक ईंधन खर्च में कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। वहीं, व्यावसायिक वाहनों, टैक्सियों और सामान ढोने वाले ट्रकों के मालिक भी राहत महसूस कर रहे हैं। डीजल की स्थिरता से कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि पंपिंग सेट और ट्रैक्टर डीजल पर चलते हैं।

अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यह स्थिरता महत्वपूर्ण है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि महंगाई को सीधे प्रभावित करती है। जब पेट्रोल-डीजल महंगा होता है तो परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे वस्तुओं की कीमतें ऊपर चढ़ जाती हैं। वर्तमान स्थिरता से खुदरा महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिल रही है।

आगे क्या हो सकता है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर ईरान-अमेरिका तनाव और गहराता है तो कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर या उससे ऊपर जा सकती हैं। ऐसे में ओएमसी को कीमतों में वृद्धि का फैसला लेना पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का रुख अब तक उपभोक्ता हितों की रक्षा करने का रहा है। पिछले अनुभवों से पता चलता है कि जब कच्चा तेल तेजी से बढ़ता है तो सरकार उत्पाद शुल्क में कटौती करके घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश करती है।

उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ईंधन की खपत को नियंत्रित रखें। नियमित रूप से वाहन का रखरखाव, सही टायर प्रेशर और सुचारु ड्राइविंग आदतों से ईंधन की बचत की जा सकती है। सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना भी एक अच्छा विकल्प है।

शहर-दर-शहर तुलना और उपभोक्ता दृष्टिकोण

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल दोनों अपेक्षाकृत सस्ते हैं, जबकि हैदराबाद और कोलकाता में कीमतें ऊंची हैं। मुंबई और बेंगलुरु में मध्यम स्तर की दरें हैं। चेन्नई में पेट्रोल अपेक्षाकृत सस्ता है। इन अंतरों का मुख्य कारण राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट की दरें हैं। कुछ राज्य ईंधन पर अधिक कर लगाते हैं, जिससे स्थानीय कीमतें बढ़ जाती हैं।

उपभोक्ता संगठन लंबे समय से ईंधन पर करों में कटौती की मांग करते रहे हैं। वे कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए। वर्तमान स्थिति में हालांकि कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अगर कच्चा तेल और बढ़ता है तो दबाव बढ़ सकता है।

Petrol Diesel Rate 18 Aug 2026: निष्कर्ष

18 अगस्त 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतें देशभर में स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड 90.99 डॉलर के आसपास है, जबकि इससे पहले ईरान-अमेरिका समझौते के समाप्त होने से कीमतों में तेजी आई थी।

सरकारी तेल कंपनियों ने रिटेल स्तर पर कोई वृद्धि नहीं की है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल, भारतीय बाजार में स्थिरता बनी हुई है और उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर ही ईंधन मिल रहा है।

यह स्थिरता न सिर्फ व्यक्तिगत खर्चों को नियंत्रित रखने में मददगार है, बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। ईंधन की कीमतें स्थिर रहने से परिवहन, कृषि और उद्योग क्षेत्रों को राहत मिलती है। उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक स्रोतों से कीमतों की जांच करते रहें, क्योंकि ओएमसी हर रोज सुबह 6 बजे नई रेट लिस्ट जारी करती हैं।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles