Jharkhand Budget 2026: झारखंड के ‘अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 में कैंसर मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने कैंसर उपचार के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET Scan मशीन स्थापित करने की घोषणा की है। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान यानी RIMS को मिलेगा जहां हर महीने लगभग 600 नए कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
क्यों है यह फैसला इतना महत्वपूर्ण?
वर्तमान में RIMS में कैंसर विभाग अलग से संचालित तो है लेकिन PET Scan जैसी उन्नत जांच सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस कारण कई मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है जहां एक PET Scan जांच पर औसतन 25 से 30 हजार रुपये खर्च होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए यह राशि बेहद भारी होती है और कई बार यही खर्च उनके इलाज में बाधा बन जाता है। RIMS की गवर्निंग बॉडी की पिछली बैठक में PET Scan को PPP मोड पर शुरू करने का निर्णय लिया गया था लेकिन वह अब तक लागू नहीं हो पाया था। अब बजट में सीधे प्रावधान होने से यह जल्द साकार होने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी है PET Scan?

ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रोहित झा के अनुसार PET Scan जांच कैंसर की सही अवस्था यानी स्टेजिंग, शरीर में उसके फैलाव और उपचार की प्रभावशीलता का आकलन करने में अत्यंत महत्वपूर्ण जांच है। यदि यह सुविधा RIMS में उपलब्ध हो जाती है तो उपचार अधिक सटीक, समयबद्ध और प्रभावी हो सकेगा। अभी संसाधनों की कमी के कारण सभी जरूरतमंद मरीजों को यह जांच लिखना संभव नहीं हो पाता जिससे उपचार में देरी होती है और सफलता दर प्रभावित होती है।
झारखंड और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को फायदा
RIMS में न केवल झारखंड बल्कि बिहार, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में कैंसर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। PET Scan की सुविधा मिलने से इन सभी राज्यों के गरीब मरीजों को महंगी जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। देश में हर साल लाखों नए कैंसर मामले सामने आते हैं और पूर्वी भारत में तंबाकू सेवन से जुड़े कैंसर के मामले अपेक्षाकृत अधिक हैं। ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर उन्नत जांच और उपचार सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक था।
Jharkhand Budget 2026: 200 करोड़ से क्या-क्या होगा?
बजट में 200 करोड़ रुपये के इस प्रावधान से न केवल PET Scan जैसे उन्नत उपकरणों की स्थापना होगी बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने, रेडियोफार्मास्यूटिकल की आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपकरणों के रखरखाव जैसी जरूरी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा सकेगा। यदि इन योजनाओं का समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन हुआ तो RIMS पूर्वी भारत के एक प्रमुख कैंसर उपचार केंद्र के रूप में उभर सकता है। मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि इस बजट घोषणा से कैंसर उपचार की व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
Read More Here



