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Bihar Chunav 2025: मानसून सत्र में नीतीश सरकार पर हमलावर होगी विपक्ष, विधानसभा में हंगामे के आसार

Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और इस बार सत्र के हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। विपक्ष ने नीतीश कुमार की सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्य मुद्दों में मतदाता सूची में गड़बड़ी और बढ़ते अपराध के मामले शामिल हैं। यह सत्र बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक बड़ा राजनीतिक मंच साबित हो सकता है।

विपक्ष का नीतीश सरकार पर हमला

विपक्षी दल, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस, नीतीश सरकार पर कई मोर्चों पर हमलावर हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं, जिससे लाखों वोटरों के नाम हटाए जा सकते हैं। इसके अलावा, बिहार में बढ़ते अपराध, खासकर हाल में पटना के पारस अस्पताल में एक मरीज की हत्या, ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ और आक्रामक बना दिया है। विपक्ष का कहना है कि नीतीश सरकार ‘जंगलराज’ को रोकने में नाकाम रही है।

मतदाता सूची विवाद और SIR प्रक्रिया

चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी विवाद छिड़ा हुआ है। विपक्ष का दावा है कि इस प्रक्रिया से 2 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम हट सकते हैं, जो उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी है। अब तक 89.7% मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए हैं, लेकिन 45 लाख से ज्यादा लोग अभी भी बाकी हैं।

अपराध का मुद्दा बना सियासी हथियार

बिहार में अपराध की घटनाएं विपक्ष के लिए बड़ा मुद्दा बन गई हैं। हाल ही में पटना में एक सजायाफ्ता अपराधी की अस्पताल में गोली मारकर हत्या ने नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष इसे ‘जंगलराज’ का सबूत बता रहा है। दूसरी तरफ, नीतीश कुमार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर और महिलाओं के लिए नई योजनाएं लाकर वोटरों को लुभाने की कोशिश की है।

Bihar Chunav 2025: चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है। नीतीश कुमार की अगुवाई में NDA और RJD-कांग्रेस की महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। प्रणाम किशोर की जन सुराज पार्टी भी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।

यह सत्र और इसके मुद्दे बिहार की सियासत को नई दिशा दे सकते हैं। जनता की नजर अब इस बात पर है कि नीतीश सरकार इन आरोपों का जवाब कैसे देती है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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