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Bihar News: पर्व-त्योहारों पर बिहार में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, डीजे पर लगाया गया पूरी तरह प्रतिबंध

Bihar News: पटना, बिहार में आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी और अन्य त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। खास बात यह है कि इस बार त्योहारों के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यह फैसला शोर से होने वाले प्रदूषण और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

क्यों लागू हुआ डीजे पर प्रतिबंध

डीजे पर प्रतिबंध का फैसला क्यों लिया गया? बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन ने पर्यावरण और शांति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। तेज आवाज वाले डीजे से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि इससे त्योहारों के दौरान झगड़े और विवाद की आशंका भी रहती है। खासकर गणेश विसर्जन और अन्य जुलूसों में डीजे का इस्तेमाल अक्सर तनाव का कारण बनता है। इसलिए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई नियम तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए

त्योहारों के दौरान सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? बिहार पुलिस ने सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, मंदिरों और विसर्जन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी। साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग से टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

लोगों से क्या अपेक्षा है

प्रशासन ने लोगों से क्या अपेक्षाएं रखी हैं? नागरिकों से कहा गया है कि वे त्योहारों को सादगी और शांति के साथ मनाएं। किसी भी तरह के हथियार या आपत्तिजनक सामान के साथ जुलूस में शामिल होने की मनाही है। साथ ही, आयोजकों को पहले से पुलिस से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई डीजे या तेज आवाज वाले यंत्र का इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से पर्यावरण के अनुकूल गणेश मूर्तियों का उपयोग करने को कहा है। मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता देने और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों से बचने की सलाह दी गई है। विसर्जन के लिए निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करने को कहा गया है, ताकि नदियां और जलाशय प्रदूषित न हों।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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