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Bihar Politics: मुजफ्फरपुर में NDA की बैठक बनी दंगल, नीतीश और चिराग के कार्यकर्ता आपस में भिड़े, फायरिंग की भी खबर

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एकजुटता दिखाने के लिए मुजफ्फरपुर में आयोजित एनडीए (NDA) का कार्यकर्ता सम्मेलन एक ‘दंगल’ के मैदान में तब्दील हो गया। बैठक के दौरान मंच पर लगे पोस्टर और नारेबाजी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों गुटों के बीच जमकर कुर्सियां चलीं और लात-घूंसे चले। कुछ रिपोर्टों में हवाई फायरिंग होने की भी खबर है, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है।

बड़ा भाई’ कौन? पोस्टर और नारेबाजी को लेकर हुआ विवाद

यह कार्यकर्ता सम्मेलन आगामी चुनाव की रणनीति तैयार करने और एकजुटता का संदेश देने के लिए बुलाया गया था। लेकिन, बैठक शुरू होते ही मंच पर लगे बैनर को लेकर विवाद छिड़ गया। लोजपा (आर) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पोस्टर में उनके नेता चिराग पासवान को उचित जगह नहीं दी गई है। इसके बाद, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के पक्ष में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। जेडीयू के कार्यकर्ता ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे, तो लोजपा (आर) के कार्यकर्ता ‘चिराग पासवान’ और ‘नरेंद्र मोदी’ के नारे लगा रहे थे। इसी नारेबाजी के दौरान दोनों गुटों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

पैसे बांटने के आरोप और कथित फायरिंग से बढ़ा तनाव

विवाद के बीच, एक गुट ने दूसरे पर पैसे बांटकर भीड़ जुटाने का आरोप लगाया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। दोनों गुटों के बीच जमकर कुर्सियां चलीं, जिससे कई कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें भी आई हैं। कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि हंगामे के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पर्दे के पीछे सीटों की लड़ाई, सड़क पर आई सामने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह लड़ाई सिर्फ पोस्टर या नारेबाजी की नहीं है, बल्कि इसके पीछे मुजफ्फरपुर जिले की विधानसभा सीटों पर दावेदारी की जंग है। जिले की कई सीटों पर जेडीयू और लोजपा (आर) दोनों ही अपना-अपना दावा ठोक रही हैं। यह झड़प असल में टिकट के लिए अपने-अपने स्थानीय नेताओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन का एक नमूना है, जो अब खुलकर सड़क पर आ गया है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, विपक्ष ने कसा तंज

हंगामे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना ने एनडीए की एकजुटता के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। आरजेडी नेताओं ने तंज कसते हुए कहा है, “जो अपनी बैठक में शांति नहीं रख सकते, वे बिहार में शांति क्या लाएंगे। यही एनडीए के ‘ऑल इज वेल’ की सच्चाई है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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