जमशेदपुर। कोल्हान प्रमंडल के सबसे बड़े एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में हुए हादसे के बाद न्यायपालिका और प्रशासन हरकत में आ गए हैं। जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के प्रभारी जिला जज विमलेश कुमार सहाय ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और हादसे में घायल मरीजों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी रिपोर्ट झारखंड हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी।
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में मेडिसिन वार्ड में हुए हादसे के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई अन्य घायल हैं। इस बीच जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के प्रभारी जिला जज विमलेश कुमार सहाय रविवार को एमजीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हादसे में घायल मरीजों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
जज सहाय ने बताया कि वे झालसा (Jharkhand State Legal Services Authority) और हाई कोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए आए हैं। प्रारंभिक निरीक्षण में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट नजर आ रही है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक घायल अभी टीएमएच अस्पताल में भर्ती है, जिसकी स्थिति अब स्थिर है। उसकी स्थिति और बयान को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
इस बीच अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य मंत्री फुरकान अंसारी के निर्देश पर अस्पताल के सभी विभागों के प्रमुखों की बैठक की जा रही है। निर्णय लिया गया है कि अगले दो दिनों में सभी मरीजों को पीजी भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया जाए, जिसे लेकर जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
जिला जज ने आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं की जांच कर न्यायालय को पूरी रिपोर्ट शीघ्र सौंपी जाएगी।

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