दिल्ली – राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली धुंध की चपेट में है। पिछले कुछ दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। 14 दिसंबर को AQI 461 तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का सबसे खराब स्तर था। 15 दिसंबर को भी कई इलाकों में AQI 400-500 के बीच रहा। घना कोहरा और शांत हवाएं प्रदूषकों को जमीन के करीब फंसा रही हैं, जिससे बाहर की हवा सांस लेना मुश्किल कर रही है।लोग बाहर निकलने से डर रहे हैं, स्कूलों में छोटे बच्चों की क्लासें ऑनलाइन कर दी गई हैं, और उड़ानें-ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि बाहर की जहरीली हवा घर के अंदर भी घुस रही है। अध्ययनों से पता चला है कि सर्दियों में दिल्ली के घरों की हवा बाहर से भी दो से पांच गुना ज्यादा प्रदूषित हो सकती है। सिर्फ खिड़कियां और दरवाजे बंद करना काफी नहीं है। घर में प्रदूषण कम करने के लिए कुछ आसान उपाय जरूरी हैं।
दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति
इस साल दिसंबर में प्रदूषण ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 14 दिसंबर को AQI 461 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में आता है। कई जगहों जैसे आनंद विहार, पंजाबी बाग और वजीरपुर में AQI 500 के पार चला गया। कारण हैं – ठंडी हवा का नीचे रहना, हवा की कम रफ्तार, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य की धूल और आसपास के राज्यों से आने वाला धुआं।सरकार ने GRAP-4 के सख्त नियम लागू कर दिए हैं – निर्माण कार्य रोके गए, पुराने डीजल वाहनों पर बैन लगा और स्कूलों में हाइब्रिड क्लासें शुरू हुईं। लेकिन आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और थकान जैसी शिकायतें बढ़ गई हैं। डॉक्टर बता रहे हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है।
बाहर की हवा घर में क्यों घुसती है?
लोग सोचते हैं कि घर में रहकर सुरक्षित हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। बाहर की PM2.5 जैसी महीन धूल दरवाजे-खिड़कियों के गैप से, वेंटिलेशन से और कपड़ों-जूतों पर चिपककर अंदर आ जाती है। सर्दियों में हम खिड़कियां कम खोलते हैं, जिससे अंदर का प्रदूषण फंस जाता है। खाना बनाना, सफाई के स्प्रे और अगरबत्ती जलाना भी घर की हवा खराब करता है। नतीजा – घर गैस चैंबर जैसा बन जाता है।
घर में प्रदूषण कम करने के 7 आसान उपाय सिर्फ बंद कमरे में रहना काफी नहीं। इन 7 उपायों से घर की हवा साफ रखें:
एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें: HEPA फिल्टर वाला प्यूरीफायर सबसे अच्छा है। यह PM2.5 जैसी महीन धूल को पकड़ लेता है। इसे बेडरूम और लिविंग रूम में चलाएं, खासकर रात में। अगर बजट कम है, तो एक कमरे के लिए छोटा प्यूरीफायर लें।खिड़कियां-दरवाजे अच्छे से सील करें: गैप में वेदर स्ट्रिप या टेप लगाएं। बाहर की हवा कम आएगी। लेकिन जब AQI 200 से नीचे हो, तब थोड़ी देर खोलकर ताजी हवा आने दें।
घर में धूम्रपान या अगरबत्ती न जलाएं: सिगरेट, बीड़ी, धूप-अगरबत्ती या मोमबत्ती से बचें। ये अंदर की हवा को और जहरीला बनाते हैं।
नियमित सफाई करें: वैक्यूम क्लीनर से कालीन और फर्श साफ करें। गीला पोछा लगाएं ताकि धूल उड़े नहीं। जूते बाहर उतारें, ताकि बाहर की धूल अंदर न आए।
हवा साफ करने वाले पौधे लगाएं: स्नेक प्लांट, पीस लिली, एलोवेरा, स्पाइडर प्लांट जैसे पौधे घर में रखें। ये कुछ हद तक हवा साफ करते हैं और ऑक्सीजन देते हैं।घर में मास्क पहनें अगर जरूरी हो: अगर कोई बीमार है या प्रदूषण बहुत ज्यादा है, तो घर में भी N95 मास्क पहनें। बाहर जाते समय तो जरूर पहनें।
खाना बनाते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखें: चिमनी या एग्जॉस्ट फैन चलाएं। गैस स्टोव पर खाना बनाते समय धुआं कम करने की कोशिश करें।
ये उपाय अपनाने से घर की हवा काफी साफ रह सकती है। AQI ऐप से रोज चेक करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष :
दिल्ली का प्रदूषण हर साल की तरह इस बार भी जानलेवा साबित हो रहा है। बाहर की हवा तो सरकार और मौसम पर निर्भर है, लेकिन घर की हवा हम खुद साफ रख सकते हैं। ऊपर बताए 7 उपाय आसान हैं और हर कोई अपना सकता है। एयर प्यूरीफायर, साफ-सफाई और सही आदतें अपनाकर हम खुद को और परिवार को बचा सकते हैं। प्रदूषण से लड़ाई लंबी है, लेकिन छोटे कदमों से हम स्वस्थ रह सकते हैं। सांस लेना हमारा हक है – इसे छीनने न दें। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें!



