Jharkhand Plane Crash: झारखंड के चतरा जिले में एक दर्दनाक विमान हादसे ने सात लोगों की जान ले ली। रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट C90 एयर एंबुलेंस विमान सोमवार शाम को चतरा के सिमरिया ब्लॉक के घने जंगलों में गिर गया। विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के पीछे कई कारण सामने आए हैं। आइए चार प्रमुख बिंदुओं में समझते हैं इस पूरे हादसे की कहानी।
कौन थे विमान में सवार?
इस हादसे में पायलट, सह-पायलट, चिकित्सक और एक पारा मेडिकल कर्मी के अलावा मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना कुमारी और भतीजा ध्रुव कुमार की भी मौत हुई है। संजय कुमार मूल रूप से लातेहार जिले के चंदवा के निवासी थे और डाल्टनगंज के सतबरवा में होटल संचालित करते थे। 16 फरवरी को शॉर्ट सर्किट की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 65 प्रतिशत जल जाने के बाद उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। संजय कुमार और अर्चना की शादी 2008 में हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे हैं जो अब माता-पिता दोनों को खो चुके हैं।
रडार से कैसे हुआ गायब विमान?

विमान ने रांची से भारतीय समयानुसार रात 7 बजकर 11 मिनट पर दिल्ली के लिए उड़ान भरी। कुछ देर बाद रांची एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अगले एटीसी को विमान को सौंपे जाने के बाद अचानक रडार से संपर्क टूट गया। DGCA के अनुसार कोलकाता एटीसी से संपर्क स्थापित करने के बाद पायलट ने खराब मौसम की वजह से मार्ग परिवर्तन की अपील की थी। लेकिन कुछ ही देर बाद रडार संपर्क पूरी तरह टूट गया और विमान का कोई पता नहीं चला।
खराब मौसम में क्यों भरी गई उड़ान?
इस हादसे में सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि खराब मौसम के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने भी यह सवाल उठाया और कहा कि खराब मौसम में किस परिस्थिति में उड़ान भरने की अनुमति दी गई यह भी जांच का विषय है। चतरा की उपायुक्त ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि पहली नजर में यह घटना खराब मौसम की वजह से हुई प्रतीत होती है हालांकि सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Jharkhand Plane Crash: क्या हो रही है जांच?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने इस घटना की जांच तुरंत शुरू कर दी है। दुर्घटना के सही कारण जानने के लिए ब्लैक बॉक्स बरामद करने और उड़ान डेटा की जानकारी जुटाने के लिए एक विशेष टीम भेजी गई है। DGCA और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB दोनों की टीमें घटनास्थल पर सक्रिय हैं और फ्यूल का सैंपल भी लिया गया है। इसके अलावा संबंधित एटीसी अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
यह हादसा एयर एंबुलेंस सेवाओं में सुरक्षा मानकों और मौसम के प्रतिकूल होने पर उड़ान भरने की अनुमति देने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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