Jharkhand News: झारखंड के गुमला जिले से एक अत्यंत दर्दनाक और हृदयविदारक खबर आई है। भरनो प्रखंड के करंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सरगांव पंचायत के पतराटोली गांव में सोमवार की देर रात एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। इस घटना में एक मासूम चार माह की दुधमुंही बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल छा गया। ग्रामीण सारी रात जागकर पहरा देते रहे और वन विभाग तथा पुलिस को सूचना दी गई।
देर रात घर में घुस आया हाथी

जानकारी के अनुसार पतराटोली गांव निवासी चंदन उरांव के घर में सोमवार की आधी रात अचानक एक जंगली हाथी पहुंच गया। हाथी ने घर के पास आकर दीवार पर जोरदार धक्का मारा जिससे कच्ची मिट्टी की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। उस वक्त घर के अंदर चंदन उरांव की पत्नी सुषमा उरांव अपने दोनों बच्चों के साथ गहरी नींद में सो रही थी। रात के सन्नाटे में दीवार गिरने की आवाज सुनकर सुषमा उरांव घबराहट में जाग गई।
मां ने बेटे को बचाया, बेटी मलबे में दब गई
दीवार गिरने की आवाज सुनकर सुषमा उरांव घबराकर अपने पांच वर्षीय बेटे को लेकर किसी तरह बाहर भाग निकली। लेकिन हड़बड़ी और घबराहट में वह अपनी चार माह की दुधमुंही बेटी अमिता कुमारी को घर के अंदर ही छोड़ गई। दीवार गिरने से मलबा सीधे उस जगह पर पड़ा जहां नन्ही अमिता सो रही थी। मलबे में दबने से मौके पर ही मासूम अमिता की दर्दनाक मौत हो गई। यह खबर सुनकर पूरे परिवार और गांव में कोहराम मच गया।
सदमे में है मां, बार-बार हो रही बेहोश
घटना के दौरान सुषमा उरांव को भी चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उन्हें संभाला और प्राथमिक उपचार कराया। अपनी चार माह की कलेजे के टुकड़े को इस तरह खोने का सदमा सुषमा उरांव बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। वे बार-बार बेहोश हो रही थीं। गांव की महिलाएं और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाने और संभालने में लगे रहे। इतनी छोटी उम्र में बच्ची की इस तरह दर्दनाक मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
पुलिस और वन विभाग पहुंची मौके पर
घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत करंज थाना पुलिस और बसिया वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी और उसकी आवाजाही की दिशा का पता लगाने में जुट गए ताकि आगे किसी अन्य अनहोनी को रोका जा सके।
गांव में दहशत, रात भर जागकर रहे ग्रामीण
इस घटना के बाद पूरे पतराटोली गांव में जंगली हाथी के प्रवेश को लेकर दहशत और भय का माहौल बन गया। ग्रामीण पूरी रात जागकर पहरा देते रहे और किसी भी अनहोनी की आशंका से सतर्क रहे। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने बारी-बारी से पहरेदारी की ताकि हाथी दोबारा गांव में न घुस सके और किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
इस हृदयविदारक घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से कई मांगें रखी हैं। सबसे पहली मांग यह है कि हाथी को तुरंत इस क्षेत्र से खदेड़ा जाए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई और दुर्घटना न हो। साथ ही ग्रामीणों ने मृतक बच्ची के परिवार को सरकारी नियमों के तहत उचित और त्वरित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन से भी पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है।
Jharkhand News: मानव-हाथी संघर्ष बना गंभीर समस्या
झारखंड के जंगली इलाकों में मानव और हाथी के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों के सिकुड़ने और भोजन की तलाश में हाथियों के गांवों की ओर रुख करने से ऐसी दुखद घटनाएं सामने आती रहती हैं। गुमला, लातेहार, पलामू और अन्य जिलों में हाथियों के उत्पात की खबरें अक्सर आती रहती हैं। हाथी फसलें बर्बाद करते हैं, घरों को तोड़ते हैं और कभी-कभी जानलेवा हमले भी करते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक उपाय करे।
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