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From the ‘Hand of God’ to the Falklands War: इंग्लैंड vs अर्जेंटीना, फुटबॉल की सबसे कड़ी जंग

New Delhi: 24 साल बाद फिर वही जानी दुश्मन आमने-सामने। `FIFA World Cup 2026` का सेमीफाइनल इंग्लैंड vs अर्जेंटीना सिर्फ मैच नहीं है, ये इतिहास, राजनीति और बदले की कहानी है।

ये दुश्मनी आम क्यों नहीं है? 3 वजह

1. 1966 वर्ल्ड कप का बदला

इंग्लैंड में हुआ वर्ल्ड कप। क्वार्टर फाइनल में रेफरी ने अर्जेंटीना के कप्तान ऐंतोनियो रत्तिन को भाषा न समझने पर पुलिस बुलाकर मैदान से बाहर करवा दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ अर्जेंटीना हार गया। इंग्लैंड ने वही वर्ल्ड कप भी जीता। अर्जेंटीना आज भी कहता है वो चीटिंग से जीते थे।

2. 1982 का फॉकलैंड युद्ध 

अर्जेंटीना कहता है `माल्वीनास`, ब्रिटेन कहता है फॉकलैंड आइलैंड्स । 2 अप्रैल 1982 को अर्जेंटीना ने हमला किया। 74 दिन चली खूनी जंग में 649 अर्जेंटीनी और 255 ब्रिटिश सैनिक मारे गए। ब्रिटेन जीता, अर्जेंटीना की सरकार गिर गई। ये जख्म आज भी हरा है।

3. 1986: हैंड ऑफ गॉड’ और ‘गोल ऑफ द सेंचुरी 

मेक्सिको वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनलडिएगो माराडोना ने हाथ से गोल किया। बाद में कहा “थोड़ा सिर से, थोड़ा भगवान के हाथ से”। 4 मिनट बाद उन्होंने आधे मैदान से दौड़कर 5 इंग्लिश खिलाड़ियों को छकाकर जो गोल किया, वो आज भी `सदी का सबसे बेहतरीन गोल` माना जाता है। अर्जेंटीना 2-1 से जीता और वर्ल्ड कप भी जीता। माराडोना ने कहा था ये गोल 1982 में शहीद हुए सैनिकों का बदला था

बीच में क्या हुआ?

  • 1998 में पेनल्टी पर अर्जेंटीना जीता। बेकहम को रेड कार्ड मिला।
  • 2002 में इंग्लैंड जीता।
  • उसके बाद 24 साल तक वर्ल्ड कप में आमना-सामना नहीं हुआ।

अब 2026 सेमीफाइनल

इसलिए ये मैच सिर्फ 90 मिनट का खेल नहीं है। ये 1966 का बदला है, 1982 की जंग की याद है और 1986 के ‘हैंड ऑफ गॉड’ का हिसाब है

जीतेगा वही जो इतिहास बदलेगा। हारने वाले के पास 60 साल का दर्द रह जाएगा।

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

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