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गांधीजी ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ को राष्ट्रगान बनाया था? कंगना रनौत ने क्या कहा

Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन को राष्ट्रगान बनाना चाहा था, लेकिन नेहरू और उनके समर्थकों ने इसे रोक दिया और ‘वंदे मातरम’ को चुन लिया। कंगना ने यह बात एक इंटरव्यू में कही, जहां उन्होंने गांधीजी की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बापू ने यह भजन इसलिए चुना क्योंकि इसमें सभी धर्मों का जिक्र है। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो गांधीजी को राष्ट्रपिता मानते हैं, वे इस बयान से हैरान हैं। कंगना का यह दावा ऐतिहासिक तथ्यों से मेल नहीं खाता, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

कंगना का पूरा बयान

कंगना रनौत ने इंटरव्यू में कहा, “गांधीजी ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ को राष्ट्रगान बनाना चाहा था। इसमें राम, रहीम, अल्लाह और ईश्वर का जिक्र है, जो सभी धर्मों को जोड़ता है। लेकिन नेहरू और उनके लोग नहीं चाहते थे। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को चुना, जो बैंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था।” कंगना ने आगे कहा कि गांधीजी की देशभक्ति पर सवाल उठाने वाले लोग भूल जाते हैं कि बापू ने देश को आजादी दिलाई। लेकिन उनका यह दावा कि गांधीजी ने भजन को राष्ट्रगान बनाना चाहा, गलत साबित हो रहा है।

ऐतिहासिक तथ्य: राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ कैसे चुना गया

Kangana Ranaut

राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। इसे 1911 में कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे राष्ट्रगान चुना। ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया। ‘रघुपति राघव राजा राम’ गांधीजी का प्रिय भजन था, जिसे वे प्रार्थना सभाओं में गवाते थे। लेकिन कोई ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं है जो यह साबित करे कि गांधीजी ने इसे राष्ट्रगान बनाना चाहा था। नेहरू या कांग्रेस पर इसका आरोप भी बेबुनियाद है। इतिहासकारों का कहना है कि राष्ट्रगान चुनने की प्रक्रिया में गांधीजी की भूमिका नहीं थी, क्योंकि वे तब जीवित नहीं थे।

विवाद पर प्रतिक्रियाएं: कांग्रेस ने कंगना पर साधा निशाना

कांग्रेस ने कंगना के बयान पर तीखा हमला बोला। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा नेता इतिहास तोड़-मरोड़ रहे हैं। गांधीजी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी कंगना को ट्रोल किया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, “कंगना जी, पहले इतिहास पढ़ लें फिर बयान दें।” कुछ समर्थकों ने कहा कि कंगना सही कह रही हैं। यह विवाद लोकसभा में वंदे मातरम बहस से जुड़ा लगता है, जहां मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोला था। कंगना का बयान उसी लाइन पर है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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