New Delhi:हनुक्का को ‘रोशनी का पर्व‘ या ‘प्रकाश का त्योहार’ भी कहा जाता है। यह दुनिया भर में व्यापक रूप से मनाए जाने वाले यहूदी त्योहारों में से एक है। 2025 में आठ दिनों का यह यहूदी त्योहार आज यानी रविवार 14 दिसंबर, 2025 को सूर्यास्त के समय शुरू होगा और सोमवार, 22 दिसंबर को सूर्यास्त के साथ समाप्त होगा। हनुक्का यहूदी पहचान, दृढ़ता और आस्था के आनंदमय उत्सव के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान दौर में यह धार्मिक स्वतंत्रता और अंधकार पर प्रकाश की विजय का भी प्रतीक है। अमेरिका जैसे बहुसांस्कृतिक समाजों में हनुक्का अक्सर सर्दियों की छुट्टियों के दौरान प्रमुखता प्राप्त करता है ताकि यहूदी परिवारों को दूसरों के साथ अपनी विरासत का जश्न मनाने का अवसर मिले।

हनुक्का फेस्टिवल में क्या होता है
हनुक्का मनाते हुए कई परंपराओं का पालन किया जाता है। जिसमें मेनोराह जलाना, ड्रेडल खेल, पारंपरिक व्यंजन और उपहार और गेल्ट शामिल हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं:
मेनोराह जलाना: हनुक्का की प्रत्येक रात यहूदी परिवार नौ शाखाओं (सहायक मोमबत्ती) वाले मेनोराह को जलाते हैं। इसके बाद प्रार्थनाएं पढ़ी जाती हैं और मेनोराह को आमतौर पर खिड़की में प्रदर्शित किया जाता है ताकि इस चमत्कार को दुनिया के साथ साझा किया जा सके।
ड्रेडल खेल: बच्चे अक्सर ड्रेडल नामक एक लट्टू से खेलते हैं, जिस पर चार हिब्रू अक्षर लिखे होते हैं: नून, गिमेल, हेई और शिन।
पारंपरिक व्यंजन: हनुक्का के भोजन का तेल से गहरा संबंध है। लोकप्रिय व्यंजनों में लटकेस (कुरकुरे आलू के पैनकेक) और सुफगानियोट (जेली से भरे डोनट्स) शामिल हैं, जिन्हें तेल में तला जाता है।
उपहार और गेल्ट: पश्चिम में हनुक्का के दौरान गिफ्ट देना एक प्रथा बन चुकी है। प्राय: हर रात एक गिफ्ट दिया जाता है। बच्चों को हनुक्का गेल्ट (चॉकलेट के सिक्के) दिए जाते हैं साथ ही उन्हें थोड़ा कैश भी दिया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा

दरअसल, आज सिडनी के बॉन्डी बीच पर हनुक्का फेस्टिवल के आयोजन के दौरान दो बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। इसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो घंटे पहले हुई इस गोलीबारी में करीब 50 गोलियां चलाई गईं। पुलिस ने बताया कि जवाबी गोलीबारी में एक बंदूकधारी मारा गया और पुलिसकर्मियों समेत करीब 11 लोग घायल हुए हैं। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इसके बाद से गूगल पर लोग बॉन्डी बीच पर हुई घटना और हनुक्का फेस्टिवल के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने में लगे हैं
निष्कर्ष:
हनुक्का यहूदी समुदाय का एक प्रमुख त्योहार है, जो प्रकाश, आस्था, दृढ़ता और धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। मेनोराह जलाना, ड्रेडल खेलना, पारंपरिक व्यंजन और उपहार देने जैसी परंपराएं इस पर्व को खास बनाती हैं। हालांकि, 2025 में सिडनी के बॉन्डी बीच पर हनुक्का फेस्टिवल के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने इस खुशी के मौके को दुखद बना दिया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हनुक्का और बॉन्डी बीच से जुड़ी खोजें तेजी से बढ़ीं, जिससे यह विषय चर्चा में आ गया।



