महाराष्ट्र – महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित जेजुरी कस्बे में रविवार को एक दुखद हादसा हुआ। नगर परिषद चुनाव में मिली जीत का जश्न मनाते समय अचानक आग भड़क उठी, जिससे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – अजित पवार गुट) की दो नवनिर्वाचित महिला पार्षदों सहित कुल 16 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना प्रसिद्ध खंडोबा मंदिर के पास हुई, जहां विजयी कार्यकर्ता भगवान को भंडारा (पीली हल्दी) चढ़ाने और जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। खुशी का माहौल कुछ ही पलों में अफरा-तफरी में बदल गया।
घटना कैसे हुई?
जेजुरी नगर परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद NCP के कार्यकर्ता और समर्थक उत्साह में थे। पार्टी ने 20 सीटों में से 17 पर जीत हासिल की थी, जिससे माहौल खुशी से भरा था। परंपरा के अनुसार, विजयी उम्मीदवार और कार्यकर्ता खंडोबा मंदिर की पहली सीढ़ी पर पहुंचे। यहां भगवान को भंडारा अर्पित करने और हल्दी-कुमकुम उड़ाने का कार्यक्रम था। लोग पीला गुलाल (भंडारा) हवा में उड़ा रहे थे। इसी दौरान नीचे जल रहे दीये या अग्निकुंड में भंडारा गिर गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जश्न में इस्तेमाल किए गए कलरफुल स्प्रे की ज्वलनशील गैस ने भी आग को भड़काया। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर मौजूद लोग संभल नहीं पाए। चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
कौन-कौन घायल हुए?
इस हादसे में सबसे ज्यादा चोट नवनिर्वाचित पार्षदों को लगी। घायलों में शामिल हैं: मोनिका राहुल घाडगे (नवनिर्वाचित पार्षद), स्वरूपा जालिंदर खोमणे (नवनिर्वाचित पार्षद), मोनिका घाडगे के पति राहुल घाडगे
इसके अलावा कई अन्य कार्यकर्ता, महिलाएं और युवक भी झुलस गए। कुल 16 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कुछ की हालत ज्यादा नाजुक है। घायलों में ज्यादातर को जलने की गंभीर चोटें आई हैं।
बचाव कार्य और इलाज
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत जेजुरी के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए पुणे के ससून अस्पताल और अन्य बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ को लंबा इलाज चाहिए होगा।
आग लगने की वजह क्या थी?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्य वजह भंडारा का जलते दीये पर गिरना था। जेजुरी में खंडोबा मंदिर की परंपरा में भंडारा उड़ाना आम है, लेकिन इस बार शायद भंडारे में कोई ज्वलनशील पदार्थ मिला हुआ था या स्प्रे की गैस ने आग को तेज कर दिया। कुछ लोगों का कहना है कि पटाखों या केमिकल की वजह से भी ऐसा हो सकता है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जल्द ही सही वजह सामने आएगी।
चुनावी पृष्ठभूमि
यह हादसा ऐसे समय हुआ जब महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति (BJP, शिंदे सेना और अजित पवार NCP) की बड़ी जीत हुई थी। जेजुरी में NCP ने शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी के उम्मीदवार जयदीप बारभाई ने नगराध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की। कार्यकर्ता इसी खुशी में मंदिर पहुंचे थे। पूरे पुणे जिले में महायुति ने सभी 17 नगर परिषदों के अध्यक्ष पद जीते। NCP को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। लेकिन यह हादसा जीत की खुशी पर ग्रहण लग गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
जेजुरी के लोग सदमे में हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “हम हर साल भंडारा उड़ाते हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। यह बहुत दुखद है।” NCP के नेताओं ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और जल्द ठीक होने की कामना की। पार्टी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि घायलों की हर मदद की जाएगी।
सुरक्षा के सबक
यह घटना हमें सिखाती है कि जश्न मनाते समय सावधानी बहुत जरूरी है। भीड़ में दीये, पटाखे या स्प्रे का इस्तेमाल खतरा पैदा कर सकता है। खासकर धार्मिक स्थलों पर जहां परंपराएं निभाई जाती हैं, वहां सुरक्षा के इंतजाम मजबूत होने चाहिए। पुलिस और प्रशासन को ऐसे आयोजनों में पहले से प्लानिंग करनी चाहिए ताकि कोई हादसा न हो।
निष्कर्ष :
जेजुरी का यह हादसा चुनावी जीत की खुशी को दुख में बदल दिया। 16 लोग झुलस गए, जिनमें दो नवनिर्वाचित पार्षद भी शामिल हैं। यह दिखाता है कि उत्साह में भी सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि सभी घायल जल्दी स्वस्थ हो जाएं और आगे ऐसे हादसे न हों। महाराष्ट्र की जनता ने महायुति को बड़ा जनादेश दिया है, अब नेताओं का फर्ज है कि वे लोगों की सुरक्षा और विकास पर ध्यान दें। इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ज्यादा सावधानी बरती जाए। घायलों के परिवारों के साथ पूरी सहानुभूति है।



