Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस के नेटवर्क को लगातार विस्तार देने की दिशा में काम कर रहा है। चेयर कार के बाद अब वंदे भारत का स्लीपर संस्करण भी यात्रियों के लिए लंबी दूरी के सफर को अधिक आरामदायक बनाने की तैयारी में है। स्लीपर ट्रेन में यात्री रातभर लेटकर आराम से सफर कर सकेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की सबसे बड़ी खासियत इनकी तेज रफ्तार के साथ आधुनिक यात्री सुविधाएं होंगी। यदि भविष्य में हावड़ा-पुरी जैसे रूट पर ऐसी ट्रेन को पर्याप्त परिचालन गति के साथ चलाया जाता है, तो यात्रा का समय काफी कम हो सकता है।
हालांकि, करीब 500 किलोमीटर के इस सफर को केवल तीन घंटे में पूरा करने का दावा फिलहाल अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि वास्तविक समय रूट, स्टॉपेज और परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। ट्रेन में यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
- आरामदायक और गद्देदार बर्थ
- प्रत्येक बर्थ के लिए रीडिंग लाइट
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चार्जिंग पॉइंट
- आधुनिक एकीकृत घोषणा प्रणाली
- स्वचालित इंटरकनेक्टिंग दरवाजे
- कोचों के बीच सुरक्षित और सील्ड जंक्शन
इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को सामान्य स्लीपर ट्रेनों की तुलना में ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है।
एसी फर्स्ट क्लास में प्रीमियम सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास कोच में यात्रियों के लिए प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें शॉवर एरिया, गर्म पानी और बायो-वैक्यूम टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां भी लगाई जाएंगी।
260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लाने की योजना
भारतीय रेलवे की योजना आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की है। प्रस्तावित ट्रेनों का निर्माण अलग-अलग चरणों में किया जाएगा और इसके लिए कई भारतीय तथा संयुक्त उद्यम कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई है।
पहले प्रोटोटाइप और उत्पादन कार्यक्रम के बाद इन ट्रेनों को अलग-अलग लंबी दूरी के महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर उतारने की योजना है। इससे राजधानी और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों के विकल्प के तौर पर आधुनिक स्लीपर सेवा का नेटवर्क मजबूत हो सकता है।
भारत-रूस संयुक्त उद्यम को भी मिला बड़ा ऑर्डर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण में भारतीय कंपनियों के साथ भारत-रूस संयुक्त उद्यम की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उपलब्ध योजना के अनुसार, किनेट रेलवे सॉल्यूशंस को बड़ी संख्या में ट्रेन सेट तैयार करने का ऑर्डर मिला है। इनका निर्माण महाराष्ट्र के लातूर स्थित मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री में किया जाना है।
इसके अलावा भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को भी स्लीपर ट्रेन सेट के निर्माण से जुड़े काम सौंपे गए हैं। अलग-अलग उत्पादन कार्यक्रमों में ट्रेन की कोच संरचना भी अलग हो सकती है।
कितनी रफ्तार से चलेगी वंदे भारत स्लीपर?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिजाइन की गई अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है, जबकि इसकी परिचालन गति करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जा सकती है। हालांकि किसी रूट पर ट्रेन वास्तव में कितनी गति से चलेगी, यह ट्रैक की क्षमता, सिग्नलिंग, सुरक्षा मानकों और रेलवे के परिचालन कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।
हावड़ा और पुरी के बीच रेल दूरी लगभग 500 किलोमीटर के आसपास है। गणितीय रूप से यदि कोई ट्रेन लगातार 160 किलोमीटर प्रति घंटा की औसत गति से चले, तो यह दूरी करीब 3 घंटे 10 मिनट में पूरी हो सकती है। लेकिन वास्तविक ट्रेन यात्रा में स्टॉपेज, गति में बदलाव और अन्य परिचालन कारणों के चलते समय इससे अधिक होगा।
क्या हावड़ा-पुरी को मिलेगी वंदे भारत स्लीपर?
हावड़ा-पुरी जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूट पर भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने से यात्रियों को बड़ा फायदा हो सकता है। खासकर रात या लंबी दूरी के सफर में स्लीपर कोच यात्रियों को आरामदायक विकल्प देंगे। हालांकि, किसी खास रूट पर ट्रेन शुरू होने की आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावित सेवा के रूप में ही देखना उचित होगा।
वंदे भारत स्लीपर का विस्तार भारतीय रेलवे की लंबी दूरी की यात्रा को तेज, आधुनिक और अधिक आरामदायक बनाने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

